जब साड़ी से गला कसने लगी सुनीता
सीआरपीएफ से दरोगा के पद से सेवानिवृत्त राम बरन के दो बेटी ममता , नेहा संग इकलौता बेटा संदीप है। शनिवार को घटना की जानकारी मिलने पर छोटी बेटी नेहा रोते बिलखते घर पहुंची। अपनी भाभी व बच्चों का शव देखने के लिए रोती रही। बेटी को सामने देख सुनीता बोल पड़ी कि अब वह जीकर क्या करेगी। साड़ी से अपना गला कसने लगी। किसी तरह महिला सिपाही व आसपास के लोगों ने उसे संभाला। पति राम बरन उसे समझाते हुए बोल पड़ा कि वह कैसे जिंदा रहेगा।
बेटे से आजिज रामबरन बहू व बच्चों का उठाता था खर्च
रामबरन भले ही अपने इकलौते बेटे संदीप की करतूत से टूट चुका था। वह शांति के लिए कटरामेदनीगंज में किराए पर कमरा लेकर रहता था। पत्नी सुनीता संग बहू व बच्चों को कोई दिक्कत न हो। उनका खर्च उठाता था। पड़ोसी जया का कहना है कि हर दिन दूध व राशन का प्रबंध हर माह करता था। बहू व पत्नी को रुपये भी दिया करता था। जिसे संदीप जबरन ले लेता था।
बर्बादी के भय से नहीं लिया पेट्रोल पंप
सीआरपीएफ से 2017 में सेवानिवृत्त रामबरन ने पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया था। उसे उदयपुर में पेट्रोल पंप का लाइसेंस मिल भी गया था। मगर बेटे संदीप के नशे की प्रवृत्ति देखने के बाद बर्बादी के भय से पेट्रोल पंप नहीं लिया।
सीबीएसई बोर्ड से कराई थी पढ़ाई, बेच रहा था मोबाइल की लीड
संदीप के पिता ने उसे सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाया था। हालांकि वह 12वीं तक की पढ़ाई किसी तरह कर सका था। वह पिता व मां से मिले रुपये दोस्तों पर खर्च कर देता था। पढ़ाई के दौरान उसकी इस कारगुजारी से परिजन परेशान रहते थे। संदीप को सुधारने के लिए पिता ने उसकी शादी कर दी। विवाद के बाद वह सुधरने के बजाय बिगड़ता ही चला गया। पिता रामबरन के अनुसार ट्रेन, बस पर मोबाइल की लीड भी बेचता था। रुपये मिलते ही गांव के कुछ लोगों के साथ बैठकर शराब पीता। मना करने पर मारपीट करने पर अमादा हो जाता था।
पहले सुनीता ने बोला झूठ, बताया पति पंजाब में
घटनास्थल पर पहुंचे सीओ सिटी शिवनारायण व एएसपी पूर्वी दुर्गेश सिंह मौके पर मिली मृतका की सास सुनीता से घटनाक्रम की जानकारी लेने लगे। बताया कि उसके पति पंजाब में हैं। जहां बड़ी बेटी ममता रहती है। हालांकि जांच के दौरान ही रामबरन घर पहुंच गए।
हमहू का मार डाले होते.. हमका भी फांसी दे दिया
तीन मासूम पोते व पोती संग बहू कोमल का कमरे में लटकता शव देख सास सुनीता रुक-रुककर आपा खोती रही। पुलिस की छानबीन के दौरान पड़ोस की महिलाओं को देख वह अपना आपा खोती रही। बोली कि हमहू का मार डाले होते.. हमका भी फांसी भी दे दिया। ममता बच्चन का मांग रही पालय का खातिर। बीए तक पढ़ी रहिन, ऐसी पढ़ाई कौने काम काम कै, अनपढ़य ठीक.. जोन जिंदगी खत्म कर ले।
दीदी की तरह उसे भी फांसी पर लटकाया जाए
दुर्गेश्वरी व बच्चों के मौत की खबर सुनने के बाद मायके से पिता जगदंबा प्रसाद, पत्नी पुष्पा, बेटी राजेश्वरी, छोटी बेटी लवली व बेटे भाष्कर और चंद्रशेखर के साथ मार्चरी पहुंचे। जहां बच्चों व बहन का शव देख लवली रोते हुए आरोपी को फांसी पर लटकाने की मांग करती रही। मवैया से लेकर भदोही तक मातम का माहौल पसरा रहा।
जो सुना वह भदोही की ओर भागा, तीन थानों की अलर्ट रही फोर्स
विवाहिता व तीन मासूम बच्चों के मौत की खबर मिलने की खबर कुछ ही देर में जंगल में आग की तरह फैल गई। जो सुना वह भदोही की ओर भागा। आसपास के गांव संग कटरामेदनीगंज नगर पंचायत के लोग भदोही पहुंचते रहे। भारी भीड़ जुटता देख मानधाता, रानीगंज व कोतवाली देहात की फोर्स मौके पर बुला ली गई।