बुधवार को दिन भर होती रही रिमझिम बारिश।
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मौसम विभाग (आईएमडी) लखनऊ ने जनपद को आगामी 30 से 31 अक्तूबर तक के लिए येलो जोन में प्रदर्शित किया है। एडीएम आदित्य प्रजापति ने बताया कि जिले में वर्षा के साथ वज्रपात (आकाशीय विद्युत), मेघ गर्जन, तड़ित झंझावत चेतावनी प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि आंधी-तूफान और भारी वर्षा और वज्रपात के दौरान ऊंची इमारतों, पेड़ों, मनुष्यों, जानवरों आदि पर बिजली गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। जिससे जान-माल का नुकसान होता हैं। सावधानी और तैयारी ही एकमात्र तरीका है, जिससे वज्रपात के खतरे को कम किया जा सकता है।
एंड्रॉयड मोबाइल फोन के प्ले स्टोर से सचेत एवं दामिनी मोबाइल एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करें। व्रजपात और भारी बारिश की स्थिति में किसी पक्के मकान में शरण लें। खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे एवं छत से दूर रहे। ऐसी वस्तुएं, जो बिजली की सुचालक हैं, उनसे भी दूर रहें। बिजली के उपकरणों व तार के साथ संपर्क से बचें।
तालाब और जलाशयों से भी दूरी बनाए रखें। समूह में खड़े होने से बचें। जंगल में होने पर घने पेड़ों की शरण लें। बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें। बिजली, टेलीफोन खंभों से दूरी बनाए रखें। तार की बाड़, मशीन आदि से भी दूर रहे। पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र ले जाएं।
खेत, खलिहान में नंगे पांव न रहें
खेत खलिहान में काम करते समय पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा व सूखे पत्ते रख लें। बचाव करते हुए सुरक्षित स्थान तक चले जाएं। दोनो पैरों को आपस में सटाने के साथ कानों को बंद कर लें। अपने सिर को जमीन की तरफ झुका लें। जमीन पर कदापि लेटे न बल्कि ऊंची इमारत वाले क्षेत्रों में शरण लें।