बेरहम शौहर ने अपनी बीवी को दरिंदे साथियों के हवाले कर दिया। उसके तीन दोस्तों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसका मोबाइल छीन लिया और उसे भुपियामऊ ओवरब्रिज के पास छोड़कर भाग निकले। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा।
गाजियाबाद जनपद की रहने वाली युवती की शादी वर्ष 2007 में मेरठ जनपद के एक युवक के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर उनके बीच विवाद होने लगा। वर्ष 2017 में युवती को मारपीट कर शौहर ने भगा दिया। कुछ दिनों बाद उसने दूसरी शादी कर ली। युवती के पिता ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि उसकी बेटी को शौहर ने तलाक दे दिया।
मुकदमे की धमकी पर शौहर समझौते के लिए दबाव बनाता रहा। शौहर पड़ोस की रहने वाली एक महिला की मदद से 11 मार्च को उसकी बेटी को लेकर बोलेरो से निकला। जिसमें शौहर के तीन साथी भी बैठे थे। सभी उसे प्रयागराज हाईकोर्ट में प्रकरण में समझौता करने की बात कहते हुए लेकर निकल पड़े। वह घरवालों से छिपकर निकली थी।
नगर कोतवाली के भुपियामऊ ओवरब्रिज के करीब सुनसान स्थान पर बाग देख बोलेरो रुकवा दी। उसने उसकी बेटी पर दबाव बनाया। इंकार करने पर जबरन उसे बाग के भीतर घसीट ले गए। जहां शौहर के तीन दोस्तों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसका मोबाइल छीन लिया और भुपियामऊ पुल के पास छोड़कर भाग निकले।
भोर में युवती ने दूसरे की मदद से परिवार के लोगों को फोन कर आपबीती सुनाई। इस पर गाजियाबाद से पिता समेत अन्य लोग पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद तहरीर पर शौहर और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल से टूटी चूड़ियां व अंत:वस्त्र भी बरामद हुए, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। नगर कोतवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश की जा रही है।