महेशगंज थाना क्षेत्र के भैसाना गांव में भइयाराम मौर्या के बिलखते परिजन।
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सरकार की दी गई ऋणमाफी योजना का लाभ नहीं मिला तो किसान के यहां बैंककर्मी नोटिस लेकर चले गए। बकाएदारों में अपना नाम जानकर चिंताग्रस्त किसान को हार्टअटैक आ गया। परिजन उसे इलाज के लिए एसआरन ले गए। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
महेशगंज थाना क्षेत्र के भैसाना गांव निवासी भैयाराम मौर्य (62) पुत्र स्व. देवतादीन ने एसबीआई राजापुर से 25 हजार रुपये का ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लिया था। कुछ दिनों में यह पैसा बढ़ गया। हालांकि सरकारी बदली तो उसे उम्मीद थी कि ऋणमाफी योजना में उसका ऋण माफ हो जाएगा। जिला कृषि अधिकारी के यहां पत्र लिखकर उसने ऋण माफी योजना के लिए गुहार लगाई थी।
इसके बाद भी उसका ऋण माफ नहीं हुआ। इसकी जानकारी उसे तब मिली जब उसके पास बैंक का नोटिस आया। करीब एक सप्ताह पहले उसके घर पर बैंककर्मी पहुंचे और उसकी अनुपस्थिति में पत्नी कमला देवी से बकाया धनराशि जमा करने के लिए उसे बैंक आने को कहा। कमला देवी का कहना है कि जब से बकाए की जानकारी भइयाराम को हुई तब से वे चिंता ग्रस्त रहने लगा।
बीच बुधवार को सुबह उनकी तबियत अचानक खराब हो गई। परिजनों ने समझा कि उनको ठंड लग गई और उनको इलाज के लिए सीएचसी महेशगंज लेकर भागे। अस्पताल में चिकित्सकों ने बताया कि उसे दिल का दौरा पड़ा है। इसके बाद उसे कुंडा रेफर किया गया। कुंडा से हालत नाजुक होने पर उसे एसआरएन रेफर कर दिया गया।
बुधवार की शाम ही उसकी इलाज के दौरान प्रयागराज में मौत हो गई। उनकी पत्नी कमला देवी का कहना है कि इससे पहले कभी उसे दिल की बीमारी का पता नहीं चला। इलाज के लिए ले जाते समय भी वह बार-बार कर्ज के बारे में ही चर्चा कर रहे थे। उसकी मौत से परिजनों में चीखपुकार मची है। इस बारे में एसडीएम जलरंजन चौधरी का कहना है कि इस तरह के हादसे में कोई आर्थिक मदद करने का प्रावधान नहीं है। कर्ज क्यों माफ नहीं हुआ, इसे बैंक के लोग ही बता सकते हैं।
महेशगंज थाना क्षेत्र के भैसाना गांव में भइयाराम मौर्या का मकान।- फोटो : PRATAPGARH
मृतक भइया राम मौर्या। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH