किताबें लेकर स्कूल से लौट रहे दादा और पौत्रों को बेकाबू ट्रैक्टर ने टक्कर मार दिया। हादसे में दादा और एक पौत्र की मौत हो गई, जबकि घायल दूसरा पौत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आसपास के लोगों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्रयागराज रेफर कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दादा और पोते का पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया।
जेठवारा थाना क्षेत्र के नूरपुर चमरूपुर पठान निवासी भैयाराम (55) के पौत्र शीबू (12) व शिवम (10) पुत्र मनोज सरायदेवराय स्थित प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार व तीन के छात्र थे। गुरुवार को स्कूल के प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर के बुलावे पर शीबू व शिवम अपने दादा भैयाराम के साथ बाइक से स्कूल गए थे। वहां से दोनों ने सरकार की ओर से मिलने वाली मुफ्त किताबे लीं।
इसके बाद तीनों घर लौट रहे थे। प्रतापगढ़ रजबहा नूरपुर के करीब गांव में ही मकान बनाने की सामाग्री उतारकर जा रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक में टक्कर मार दी। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे।
हादसे में भैयाराम व शीबू की मौत हो चुकी थी। जबकि, शिवम गंभीर रूप से घायल था। परिवार के लोगों को जानकारी देने के बाद लोगों ने शिवम को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे प्रयागराज रेफर कर दिया गया। परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। पुलिस ने मृतक के पिता मनोज की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
घटना की सूचना पर स्कूल बंदकर भागे शिक्षक
सरायदेवराय प्राथमिक स्कूल में कुल 167 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। स्कूल के हेडमास्टर चंद्रशेखर पटेल गुरुवार को छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से मिलने वाली किताबें वितरित कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार बच्चों को स्कूल बुलाया गया था। हादसे में छात्र शीबू व उसके दादा की मौत की खबर मिलते ही शिक्षक स्कूल बंदकर भाग निकले। काफी देर बाद वह मिले। बंदी के बावजूद बच्चों को स्कूल बुलाकर पुस्तकों के वितरण पर चुप्पी साधे रहे।
किताबें मिलने पर खुश थे दोनों बच्चे
स्कूल में किताबें मिलने की जानकारी के बाद से ही शीबू चहक रहा था। वह बुधवार से ही घरवालों पर दबाव डाल रहा था कि गुरुवार की सुबह किताबें लेने के लिए स्कूल चलना है। काफी देर तक टालमटोल करने के बाद भी दादा भैयाराम मजबूर होकर किताबें लेने के लिए अपने दोनों पौत्रों के साथ स्कूल आए। किताबें लेने के बाद सभी लौटने लगे। किताबें मिलने पर शीबू व शिवम दोनों काफी खुश थे। चर्चा है कि ट्रैक्टर नाबालिग चला रहा था। उसकी खोजबीन में पुलिस जुटी रही।
बेटी व बेटे के हाथ पीले करने का सपना रह गया अधूरा
भैयाराम मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करते थे। उनकी चार बेटियां हैं। जिसमें से कंचन व अंचन की शादी हो चुकी है। जबकि कल्पना व अर्चना की शादी नहीं हुई है। बेटे मनोज के बच्चे हैं। सबसे छोटे बेटे विष्णु की शादी नहीं हुई है। दो बेटियों व बेटे की शादी करने का भैयाराम सपना अधूरा रह गया। पिता के शव से लिपटकर बेटियां व बेटे बिलखते रहे।
जेठवारा के प्राइमरी स्कूल सराय देवराय के समीप सड़क हादसे में मृत बालक शीबू। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH
जेठवारा थाने के सराय देवराय में सड़क हादसे में बालक व अधेड की मौत के बाद बिलखते परिजन।- फोटो : PRATAPGARH