जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के 5.80 लाख उपभोक्ताओं को शनिवार से मुफ्त चावल और चना का वितरण किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थियों को प्रति यूनिट पांच किग्रा चावल और प्रति कार्ड एक किग्रा चना दिया जाएगा। अभी तक प्रत्येक माह की 15 तारीख से वितरित होने वाला चावल जून माह में 20 तारीख से वितरित होगा।
लॉकडाउन में परेशानी झेलने वाले गरीबों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति यूनिट पांच किग्रा चावल और प्रति कार्ड एक किग्रा चना का वितरण किया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से लागू योजना तीन माह के लिए थी। अभी तक केंद्र सरकार ने योजना का विस्तार नहीं किया है।
इससे जिले के 5.80 लाख परिवारों को अंतिम बार नि:शुल्क राशन मिलेगा। अप्रैल और मई में माह की 15 तारीख से वितरण हुआ था, मगर इस वर्ष शासन ने 20 से 30 जून तक वितरित करने को कहा है।
दरअसल, पहले कोटेदार ई-पॉस मशीन से नेटवर्क गायब होने का बहाना करके प्रॉक्सी विधि से राशन का वितरण कर देेते थे। इससे कोटेदारों पर नकेल कसने के लिए अब ई-पॉस मशीन से वितरण करना अनिवार्य कर दिया है।
नहीं बन रहा नया राशनकार्ड
जिले में दो माह से नए राशनकार्ड नहीं बन रहे हैं। विभागीय अधिकारी लक्ष्य पूर्ण होने की बात कह रहे हैं। जबकि आवेदक प्रतिदिन कार्यालय में उमड़ रहे हैं। जिससे विभाग की मुसीबतें बढ़ती जा रही है।
अपात्रों का नहीं डिलीट किया जा रहा राशनकार्ड
जिन लोगों के राशनकार्ड बने हुए हैं, उनमें अधिकांश अपात्र हैं, मगर उनकी जांच और राशन कार्डों को डिलीट करने पर रोक लगी हुई है। इससे अपात्र लोग जहां योजना का लाभ ले रहे हैं, वहीं पात्र लोग परेशान हैं। इधर विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जो आवेदक प्रतीक्षा सूची में हैं, वह अधिकांश अपात्रों की है। फिलहाल अगले माह में अपात्रों को हटाने और पात्रों को शामिल करने का अभियान चलेगा।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए राशन वितरण की नई तिथियां निर्धारित की गई हैं। चावल और चना पूरी तरह नि:शुल्क है। अगर कोई कोटेदार रुपये मांगता है, तो उपभोक्ता संबंधित तहसील के एसडीएम से इसकी शिकायत करें।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम