नए युवा मतदाता बनाने में बेल्हा फिसड्डी साबित हुआ है। हर साल निर्धारित मानक के आधार पर चार प्रतिशत नए युवा मतदाता बढ़ने चाहिए, लेकिन यहां मात्र 0.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो पा रही है। जबकि नए युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए हर वर्ष रैली, जुलूस और जागरूकता कार्यक्रमों पर लाखों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं।
आयोग के निर्देशों के मुताबिक जिले में हर साल 4 प्रतिशत नए युवा मतदाता बढ़ने चाहिए, मगर इसके सापेक्ष मात्र 0.86 प्रतिशत नए मतदाता ही जोड़े जा रहे हैं। नए मतदाताओं का यह आंकड़ा प्रशासन के सारे प्रयासों पर पानी फेर रहा है। हालांकि इस बार नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है।
अभी चुनाव करीब दो महीने शेष हैं। छठे चरण में बेल्हा में चुनाव होने हैं। प्रशासन ने इस बार चार प्रतिशत नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। मतदाता जागरूकता के लिए स्वीप नोडल अधिकारी बनाए गए डीआईओएस डा. एसपी यादव ने बताया कि डिग्री कॉलेजों में अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए प्रशासन ने रूपरेखा तैयार की ली है।
डिग्री कॉलेजों में नहीं शुरू हुआ अभियान
नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए जिले के सभी डिग्री कॉलेजों में मतदान और मतदाता बनने के लिए संकल्प दिलाने का कार्यक्रम होना है। इसके अलावा यहां नए मतदाताओं को फार्म छह बांटे जाने हैं। मगर अब तक यह अभियान शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में इस बार भी निर्धारित आंकड़ा छूने में प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ेगी।
युवा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को जोड़ा जा रहा है।
एसपी बर्नवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।