कोतवाल और हत्यारोपी के बीच बंदूक को लेकर हुई छीना झपटी में फिर चल गई गोली
गोली मारने के बाद आरोपी अविनाश दुबे अपने घर ही मौजूद था। कोतवाल आदित्य सिंह के पहुंचने के बाद पुलिस ने घर के सामने जाकर उसको बुलाया तो आरोपी हाथ में अपनी लाइसेंसी कारतूस लोडेड रिपीटर लेकर बाहर निकला। बंदूक को लेकर उसकी कोतवाल से भी छीना झपटी होने लगी। इसी दौरान फिर फायर हो गया। घटना में कोतवाल बाल-बाल बच गए। किसी तरह पिता रविंद्र दुबे तथा दोनो पुत्र अविनाश और अवतंस दुबे को गिरफ्तार करके पुलिस थाने ले आई। मृतक अमन दुबे के पिता ओम कैलाश दुबे ने बताया कि उन्होंने जमीन संबंधी विवाद में एक मई को प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन कोतवाली पुलिस ने लापरवाही दिखाते हुए सिपाही भेजकर दोनो पक्षों को थाने बुलाकर सिर्फ 151 की कार्रवाई करके छोड़ दिया।
घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी हासिल करते एसपी डॉ. अनिल कुमार।
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पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी हासिल की। परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।