बलिया के ट्रांसपोर्टर के एजेंट की हत्या में तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। हत्या के बाद रुपयों से भरा बैग लूटने वाले बदमाशों को पुलिस 36 घंटे बाद भी नहीं दबोच सकी।
पुलिस का अधिकांश समय सीसीटीवी में कैद बदमाशों को चिह्नित करने में ही गुजर गया। पुलिस घटना को पेशेवर बदमाशों की करतूत मान रही है। लोकल बदमाशों पर ही पुलिस को पूरा शक है।
बलिया जनपद के सिकरिया कला थाना क्षेत्र के परसिया निवासी मनोज चौरसिया (28) पुत्र त्रिवेणी चौरसिया पश्चिम बंगाल के जनपद मेदनापुर के एकरा निवासी ट्रांसपोर्टर दिनेश गुप्ता का एजेंट था। शनिवार को मनोज ट्रक पर पान लादकर सप्लाई देने के लिए प्रतापगढ़ आया था।
सामान देने के बाद व्यापारियों से तगादा कर वह रेलवे स्टेशन के लिए निकला था। रेलवे स्टेशन के करीब मनोज की गोली मारकर हत्या करने के बाद बदमाश रुपयों से भरा बैग लेकर भाग निकले थे। रात में मृतक मनोज के पिता त्रिवेणी चौरसिया पहुंचे और तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस मनोज की हत्या कर लूटपाट करने वाले बदमाशों तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस का अधिकांश समय सीसीटीवी में कैद बदमाशों को चिह्नित करने व बीटीएस नेटवर्क खंगालने में ही बीत गया।
पुलिस का मानना है कि घटना को अंजाम देने वाले लोकल बदमाश हैं। गोली मारने वाले बदमाश पेशेवर हैं। उम्मीद है कि जल्द ही घटना को अंजाम देने वाले बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ेंगे। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले करते हुए एंबुलेंस से बलिया भेजा गया।
आक्रोशित पान दुकानदारों ने बंद की मंडी, गिरफ्तारी की मांग
पान कारोबारियों ने रविवार को अपनी दुकानें बंदकर ट्रांसपोर्टर के एजेंट मनोज के हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की मांग की। चौरसिया समाज के जिलाध्यक्ष शिव कुमार चौरसिया, केदारनाथ चौरसिया, पारसनाथ चौरसिया, रमेशचंद्र समेत अन्य लोगों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मनोज की हत्या व लूट करने वाले बदमाशों को पकडने व सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस प्रशासन को चेताया कि यदि गिरफ्तारी न हुई तो समाज के लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री, डीजीपी व आईजी से गुहार लगाई है।