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प्रतापगढ़: तीसरी बार भी बेकार गया बसपा का ब्राह्मण दांव 

Fri, 24 May 2019 12:53 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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बसपा
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 बहुजन समाज पार्टी ने प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर तीसरी बार ब्राह्मण कार्ड खेला, लेकिन इस बार भी उसे सफलता नहीं हासिल हुई। सपा का साथ मिलने के बाद भी पार्टी दूसरे नंबर पर रही रही। हालांकि पहले के मुकाबले उसका वोट प्रतिशत जरूर बढ़ा है। 
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1989 से लोकसभा चुनाव का सफर शुरू करने वाली मायावती बेल्हा में एक बार मुसलिम, दो बार ब्राह्मण और चार बार पिछड़ी जाति का कार्ड खेल चुकी थीं। 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के प्रत्याशी तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। 2009 में बसपा प्रत्याशी प्रो. शिवाकांत ओझा दूसरे नंबर पर रहे।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने एक साल तक डा. आरके वर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। बाद में मुज्तबा सिद्दीकी और फिर आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी के नाम पर फाइनल मुहर लगी। आसिफ ने चुनाव मैदान में मौजूदगी तो दर्ज कराई, लेकिन किसी भी विधानसभा में वह जीत नहीं दर्ज कर सके। आखिरकार पार्टी को एक बार फिर दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था।
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इस बार बसपा ने सदर से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके अशोक त्रिपाठी पर दांव लगाया। काफी पहले ही उन्हें लोकसभा का प्रभारी बनाकर क्षेत्र में जनसंपर्क करने के लिए भेजा। वह लगातार क्षेत्र में बने रहे लेकिन, आखिर में सपा से गठबंधन के बाद भी अशोक त्रिपाठी पार्टी को जीत दिलाने में नाकाम रहे। वर्ष 2019 के चुनाव में भी बसपा को गठबंधन के बाद भी दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। 
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लोस चुनाव में उतरने के बाद से बसपा का प्रदर्शन
 वर्ष         प्रत्याशी           मत          स्थान
1989     वीरेंद कुमार        31429       तीसरा 
1991  हरीनाथ सिंह यादव   18132   चौथा   
1996  बसीर पहलवान       36964  चौथा 
1998  जयसिंह यादव        62787    चौथा 
1999  अशोक कुमार        78923     तीसरा 
2004  एसपी मिश्र सेनानी   82876    तीसरा 
2009  शिवाकांत ओझा    169137    दूसरा
2014  आसिफ सिद्दीकी  207182    दूसरा  
2019 अशोक त्रिपाठी                       दूसरा
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