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प्रतापगढ़ में पांच और किसानों ने तोड़ा दम

Sat, 18 Apr 2015 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
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जिले में फसल की तबाही से हो रही किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले चौबीस घंटे के भीतर पांच और किसानों की जान चली गई। इनमें तीन किसान लालगंज जबकि रानीगंज और कुंडा के एक-एक किसान शामिल हैं। लालगंज में तो एक किसान ने तहसील परिसर में ही दम तोड़ दिया। वह सहायता राशि का चेक पता करने पहुंचा था।  
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सांगीपुर संवाददाता के मुताबिक असांव गांव निवासी राम आनंद वर्मा की फसल बर्बाद हो गई थी। उसको जानकारी मिली कि सरकार फसलों की बर्बादी पर कुछ मुआवजा दे रही है। इसी आस में राम आनंद अपने नाती राजकुमार के साथ शनिवार को लालगंज तहसील आया था। दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे उसने चेक  के बारे में वकीलों व तहसील के कर्मचारियों से पूछा। उसी दौरान अचानक उसकी तबीयत कु छ खराब हुई। वह शौच के लिए गया और वापस आया। मगर थोड़ी ही देर में उसकी सांसें थम गईं।

 नाती राजकुमार ने घटना की जानकारी घर वालों कोे दी। तहसील में वृद्ध क ी मौत पर एसडीएम रामप्रकाश, नायब तहसीलदार सदानंद व प्रभारी कोतवाल सभाजीत मिश्र पहुंचे और मामले की सूचना जिला मुख्यालय पर देने के साथ उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। रामआनंद का बेटा रूपचंद्र दिल्ली में दिहाड़ी करता है और पत्नी लक्खू देवी घर में रहती है। राजकुमार के मुताबिक बाबा ने गेहूं बोया था। फसल को बहुत नुकसान हुआ। कई दिन से कहते थे कि हमें तहसील ले चलो वहां कुछ न कुछ मदद मिल जाएगी। इस पर वह आज  बाबा को लेकर तहसील आया था। जहां उनकी मौत हो गई।
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घटना की सूचना पर ग्राम प्रधान जुबैदा बानों, शैलेंद्र तिवारी छोटू समेत कई गांव के लोग कोतवाली पहुंच गए। प्रधान व गांव से पहुुंचे लोगों ने चंदा जुटाकर मृ़तक का शव पीएम के लिए भेजवाया। उधर, सगरासुंदरपुर संवाददाता के अनुसार लक्ष्मणपुर ब्लॉक के चंदापुर गांव का प्रदीप कोरी (32) खेत में फसल की मड़ाई करा रहा था। उसने गांव के ओमप्रकाश यादव का खेत बटाई पर ले रखा था। मड़ाई के बाद अनाज कम देख वह वहीं बेहोश होकर गिर गया। ग्रामीण किसी तरह उसे अस्पताल ले जा रहे थे। मगर रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। मृतक किसान का पिता गिरधारी लाल कोरी नि:शक्त है।

 उसके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। बेटे की मौत से दुखी पिता गिरधारीलाल ने बिलखते हुए बताया कि बटाई की खेती से ही उसके परिवार का पालन पोषण होता था। जवान बेटे की मौत के बाद छोटे-छोटे नातियों के पालन पोषण की चिंता अब बूढ़े बाबा पर आ गई है। इससे गांव के लोगों की भी आखें भर आईं। इसी तरह रानीगंज कैथौला संवाददाता के मुताबिक कोतवाली लालगंज के लखनसेनपुर गांव में बलवंत सिंह (60)  शुक्रवार रात गेहूं की फसल की मड़ाई करा रहा था। पांच बीघे खेत में गेहूं की फसल न बराबर देख वह चिंतित हो उठा। सदमा इतना गहरा लगा कि शनिवार भोर उसकी मौत हो गई। किसान की मौत की जानकारी ग्रामीणों ने एसडीएम तथा कोतवाल को दी।


जामताली संवाददाता के मुताबिक शनिवार को फतनपुर के बझेवरा गांव में फसल बर्बादी से सदमे में आए किसान समरबहादुर सिंह की पत्नी राजमनी देवी (65) की मौत हो गई। समरबहादुर सिंह की भी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतका के खेत में गेहूं की फसल बरसात के पानी में डूबने की वजह से बर्बाद हो गई थी। शनिवार की सुबह वह फसल की मड़ाई कराकर अनाज घर ले आई। अनाज कम पाने पर उसे सदमा लगा। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उधर,  बाबागंज विकास क्षेत्र के टिकरिया गांव निवासी बेनी प्रसाद की पत्नी रम्बा देवी (50) शुक्रवार को फसल देखकर परेशान हो गई थी। उसने फसल खराब होने की चर्चा कई लोगों से की। इस दौरान तबीयत अचानक खराब होती चली गई। शनिवार दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया है।
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