असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए अंतू पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी भागने में कामयाब रहा। फैक्ट्री से पुलिस ने 13 तमंचा समेत असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस का दावा है कि प्रधानी के चुनाव के लिए असलहे तैयार किए जा रहे थे। जिसे लालगंज कोतवाली के जलेशरगंज के प्रधान को देने की तैयारी थी।
अंतू थाने में शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि मटियारी दांदूपुररन स्थित एक मकान में अवैध असलहा फैक्ट्री की सूचना पर शुक्रवार की रात अंतू थानाध्यक्ष ने टीम के साथ दबिश दी। पुलिस को देख मकान में मौजूद लोग पुलिसकर्मियों पर फायर करते हुए भागे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन लोगों को दबोच लिया। जबकि एक आरोपी भागने में कामयाब रहा।
वहां से पुलिस को 13 तमंचा, एक आक्सीजन व एसिटिलीन सिलेंडर, शस्त्र बनाने के उपकरण, कार्बेट टंकी, ग्रिल मशीन समेत अन्य सामान मिले। पूछताछ में पकड़े गए राजू उर्फ मोइन पुत्र याकूब निवासी जलेशरगंज लालगंज ने बताया कि उसका एक गिरोह है।
जिसमें वह अपने बेटे समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करता है। वह अवैध असलहा बनाकर लोगों को बेचता है। जलेशरगंज के प्रधान आजाद पुत्र शब्बीर ने 13 असलहों के लिए आर्डर दिया था। जिसमें 12 बोर व 315 बोर के असलहों की अलग-अलग कीमत लगाई गई थी। आजाद ने असलहों का प्रयोग पंचायत चुनाव में करने की बात कही थी।
आर्डर मिलने पर असलहे तैयार किए जाते थे। मोइन पहले भी असलहा बनाने के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने उसके बेटे अरमान उर्फ मुस्कान व साथी उमाशंकर के बेटे दिवाकर सोनू पाल निवासी मटियारी दांदूपुर रन सिंह अंतू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। भागने वाले उमाशंकर पुत्र बाबूलाल की तलाश में पुलिस लगी हुई है। उमाशंकर का बेटा सोनू भी असलहा तस्करी में शामिल है।
लॉकडाउन में घर आया था मोइन
असलहा बनाने का मुख्य आरोपी मोइन लाकडाउन में मुंबई से घर आया था। उसे रुपये की किल्लत हुई तो वह फिर से असलहा बनाने के कारोबार में जुट गया। उसे असलहा बनाने की तकनीक पहले से ही आती थी। वह पंचायत चुनाव में असलहों की सप्लाई कर मोटी कमाई के चक्कर में था।