मदाफरपुर के धरौली मुफरिद में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा फेंका गया इस्तेमाल किया पीपीई किट।
- फोटो : PRATAPGARH
सोमवार को चौबीस घंटे के भीतर जिले में 53 और लोग कोरोना से पीड़ित मिले। लालगंज सीएचसी के डॉक्टर समेत तीन स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित मिले हैं। वहीं संडवाचंद्रिका के एडीओ पंचायत और आरपीएफ इंस्पेक्टर की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिले में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3248 पहुंच गई है। संक्रमण की चपेट में आने से अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है।
जिले में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। लालगंज सीएचसी पर तैनात एक डाक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। लालगंज सीएचसी और रानीगंज कैथौला पीएचसी के एक-एक स्वास्थ्य कर्मचारी भी संक्रमित मिले हैं।
कोटिला लालगंज का एक 55 वर्षीय भी कोरोना पीड़ित मिला। एडीओ पंचायत सड़वाचंद्रिका भी संक्रमित हो गए हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर भी जांच में कोरोना पीड़ित मिले हैं। कुंडा में हुई जांच में सोमवार को दो केस सामने आए।
कुंडा उपकेंद्र का एक कर्मचारी संक्रमण की गिरफ्त में है। टीपी कॉलेज के सामने रहने वाला एक 40 वर्षीय युवक भी संक्रमित मिला है। जिले में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3248 पहुंच गई है। इनमें 2613 लोग स्वस्थ हो गए हैं। 463 लोग होम आइसोलेट हैं। बाकी का कोविड अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कोरोना से मरे पुलिसकर्मी के परिजनों की जांच कर खुले में फेंक दी पीपीई किट
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। कंधई इलाके में कोरोना से मरे पुलिसकर्मी के परिजनों की जांच के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पीपीई किट खुले में फेंक दी। इससे गांव के लोगों में रोष है।
कंधई थाना के धरौली मुफरीदपुर गांव में कोरोना संक्रमित एक पुलिसकर्मी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतक के परिजनों का सैंपल लेने गई थी। सैंपल लेने के बाद कर्मचारी पीपीई किट और ग्लव्स खुले में फेंककर चलते बने। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीण दंग रह गए।