लखनऊ-वाराणसी रेलमार्ग पर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर पर गुरुवार रात वाराणसी से आनंद विहार जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस बाइक से टकरा गई। बाइक ट्रेन में फंसने के कारण ट्रेन 18 मिनट तक खड़ी रही। सूचना पर पहुंचे कर्मचारियों ने किसी तरह ट्रेन में फंसी बाइक को बाहर निकाला। तब जाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जा सका।
वाराणसी से आनंद विहार जाने वाली गरीबरथ एक्सप्रेस गुरुवार रात करीब 11 बजे प्रतापगढ़ स्टेशन पहुंची। यहां से सिग्रल मिलने के बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। उत्तरी आउटर पर पुराना मालगोदाम रोड पर अवैध क्रासिंग पर एक बाइक सवार ट्रेन के सामने आ गया। ट्रेन देख वह पटरी पर ही बाइक छोडक़र चालक भाग निकला। इससे बाइक के परखचे उड़ गए। बाइक ट्रेन में जाकर फंस गई। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।
लक ने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर के साथ आरपीएफ को दी। इस पर कर्मचारी भागकर मौके पर पहुंचे। करीब 18 मिनट के बाद किसी तरह ट्रेन में फंसी बाइक को बाहर निकाला जा सका। इसके बाद गरीबरथ एक्सप्रेस के इंजन की जांच कर उसे लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया। आरपीएफ ने बाइक पर लिखे नंबर प्लेट के आधार पर उसके स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी है।
पुराना मालगोदाम रोड के पास अवैध क्रासिंग पर बाइक से टकराते वक्त गरीबरथ एक्सप्रेस की स्पीड बहुत ज्यादा नहीं थी। अगर स्पीड तेज होती तो बड़ा हादसा होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता था। ट्रेन के प्रतापगढ़ स्टेशन से छूटने के चंद मिनट बाद ही घटना हो गई। जिससे चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया।
रेलवे स्टेशन के उत्तरी आउटर के पास रेल अफसरों ने खुद ही अवैध क्रासिंग बना रखा है। इस क्रासिंग से चार पहिया वाहनों के साथ लोडर और ई-रिक्शा के साथ बाइक लेकर लोग गुजरते रहते हैं। ट्रेनों का आवागमन बराबर बना रहता है। इसके बाद भी लोग नहीं डरते हैं। इसकी जानकारी रेल अफसरों के साथ आरपीएफ को भी है, लेकिन कभी इसे बंद कराने का प्रयास नहीं किया गया। इस लापरवाही से किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
गरीबरथ एक्सप्रेस के सामने बाइक आ गई थी। बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। बाइक स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। ट्रेन को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
त्रिभुवन मिश्र, स्टेशन अधीक्षक।