प्रतापगढ़। कार्य के प्रति शिथिलिता बरतने पर विद्युत एक्सईएन प्रथम एसपी मिश्रा को डीएम अमृत त्रिपाठी के कोपभाजन का शिकार बनना पड़ा। डीएम की शिकायत पर शासन ने उन्हें प्रतापगढ़ से हटाकर इलाहाबाद भेज दिया है। उनके स्थान पर इलाहाबाद से आए नवागत एक्सईएन ज्ञानचंद्र यादव ने शुक्रवार को पदभार संभाल लिया।
शुक्रवार को अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने उपभोक्ताओं को दी जाने वाली प्राथमिकताएं गिनाईं। कहा कि शहर के जर्जर तारों को बदला जाएगा। उपभोक्ताओं की समस्या का निदान करने में हीलाहवाली करने वाले एसडीओ, जेई और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर के खराब ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा। देवकली और सियाराम कॉलोनी की विद्युत समस्या दूर की जाएगी। यहां पर नए ट्रांसफार्मर लगेंगे और लोड डिवाइड किया जाएगा। तार टूटने, जम्फर उड़ने और ट्रांसफार्मर गड़बड़ी को दूर करने मेें जिम्मेदारों की हीलाहवाली नहीं चलने पाएगी।
जो भी अधिकारी और कर्मचारी झूठी सूचना देकर गुमराह करने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल निपटारा करना उनकी प्राथमिकता होगी। शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। अब बिना मीटर के कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। मीटर लगाने का काम जुलाई तक पूरा होना है। बता दें कि पूर्व एक्सईएन एसपी मिश्रा की कार्यशैली से खिन्न होकर डीएम अमृत त्रिपाठी ने उनके खिलाफ शासन को पत्र लिखा था। उनको इलाहाबाद में एक्सईएन मीटर के पद पर भेजा गया है।
कुर्सी संभालने के बाद तेजतर्रार एक्सईएन प्रथम जीसी यादव ने काम में हीलाहवाली करने वाले बाबू ज्ञानचंद यादव पर गाज गिरा दी। उनका यहां से ट्रांसफर कर दिया गया। आरोप है कि लिपिक काम करने में लापरवाही बरतता था। विभागीय कर्मचारियों और उपभोक्ताओं को भी उससे शिकायत रहती थी। एक्सईएन ज्ञानचंद ने बताया कि लिपिक को रिलीव कर दिया गया है।
फोन रिसीव न करने वाले एसडीओ और जेई के खिलाफ एक्सईएन ज्ञानचंद यादव ने कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है कि नगर के एसडीओ और जेई फोन नहीं उठाते हैं। फोन ऑफ करके गायब हो जाते हैं। मगर अब ऐसा नहीं होगा। उपभोक्ता अगर फोन करते हैं तो एसडीओ और जेई उनकी समस्या का निदान कराएं। उनके तक शिकायत नहीं पहुंचनी चाहिए। बता दें कि एक्सईएन प्रथम रहे एसपी मिश्रा भी फोन नहीं उठाते थे। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपना मोबाइल साइलेंट मोड पर करके छोड़ देते थे।
जोगापुर के पास पेड़ काटने की आड़ में गुरुवार की शाम को दो घंटे की अतिरिक्त कटौती की गई। पूछने पर एसडीओ टाउन वीके चौधरी और जेई एसबी प्रसाद अधिकारियों को गुमराह करते रहे। दोनों ने डीएफओ द्वारा शटडाउन लेने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। मगर डीएफओ इससे मुकर गए। बोले उनके कर्मचारियों ने शाम को चार बजे तक ही शट-डाउन लिया था। लाइट छह बजे आई। बाकी दो घंटे की कटौती के लिए बिजली विभाग जिम्मेदार है। शुक्रवार को इसका खुलासा होने पर एक्सईएन जीसी यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि एसडीओ और जेई में से किसी ने भी सही बात नहीं बताई। जेई एसबी प्रसाद तो फोन ऑफ करके गायब हो गए। पता चला कि बाजार में खरीदारी कर रहे हैं। बाद में एसडीओ ने लाइन ठीक कराई। बताया कि लाइन में गड़बड़ी आ गई थी।