सितंबर में भी बिजली व्यवस्था बेपटरी है। गांवों में रोस्टर धड़ाम हो गया है। लोकल फॉल्ट की वजह से विभाग की दिक्कतें बढ़ी हैं। उन्हें खोजने में वक्त लग रहा है। इस वजह से रात बगैर बिजली के अंधेरे में बीत रही है। लोगों ने बताया कि चार से पांच घंटे की कटौती के बाद आधी रात कभी भी बिजली की सप्लाई शुरू कर दी जाती है। बिजली के न आने का समय है न जाने का।
बिजली विभाग की ओर से शहर में 24 घंटे व गांव में 18 घंटे का रोस्टर है। अभी बारिश की वजह से ब्रेकडाउन, ट्रांसफार्मर जलने व फुंकने की समस्या बनी रहती थी। तापमान बढ़ने से खपत भी बढ़ गई है। इससे लोकल फॉल्ट होने लगे हैं। फॉल्ट की समस्या शहर में सबसे ज्यादा है। इस वजह घंटों बिजली गुल हो रही है।
रानीगंज डिवीजन के खाखापुर, पांडेयतारा, रानीगंज, तवंकलपुर, गौरा इन उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में शाम होते ही बिजली गुल हो जाती है। रातभर में तीन से चार घंटे बिजली मिलना भी मुश्किल है। यही हाल चिलबिला उपखंड से जुड़े उपकेंद्रों का है।
शनिवार की शाम इन उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में शाम सात बजे बिजली गुल होने के बाद रात करीब 11 बजे आई। इसके बाद लोकल फॉल्ट की समस्या शुरू हो गई। लो वोल्टेज भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
वर्जन-
क्षेत्र में बिजली से जुड़ी किसी भी तरह की खामी होने पर टीम उसे दुरुस्त कर सप्लाई बहाल कराती है। इसके लिए टीमों को निर्देशित किया गया है। - अजय कुमार, एसडीओ