रात में हो रही अघोषित कटौती बंद न होने से भीषण गरमी में शहरी तड़प जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से रात साढ़े ग्यारह बजे के बाद कई बार कटौती किए जाने से लोग सो नहीं पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के दावे के बाद भी रात की कटौती बंद न किए जाने से शहरियों में आक्रोश है। दिनभर गरमी में झुलसने के बाद शाम को घर पहुंचने के बाद जब लोगों के खाने का वक्त होता है उस समय बिजली चली जाती है। लोग अंधेरे में खाना खाते हैं। खाने के बाद लोग सड़कों पर निकल आते हैं। भीषण गरमी में घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। किसी तरह दो घंटे बिताने के बाद साढ़े ग्यारह बजे लाइट आती है तो लोगों को थोड़ा सुकून मिलता है। लोग सोने की तैयारी में लग जाते हैं। इसी बीच दोबारा लाइट चली जा रही है। लाइट की प्रतीक्षा में रात बीत जा रही है। भोर में चार बजे लाइट आई, एक घंटे बाद फिर चली जाती है। पिछले कुछ दिनों से शहर में लाइट का यही क्रम चल रहा है। बिजली की अघोषित कटौती से शहरियों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।