औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हो रही वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की करतूत ने खाकी को शर्मशार कर दिया। सात गिलास जूस पिलाने के एवज में बिना कागज की बाइक लालगंज पुलिस ने छोड़ दी। रामपुर बावली चौराहे पर सरेराह पुलिस का शर्मनाक कारनामा देख लोगों ने दांताें तले अंगुलियां दबा लीं। खाकी के कारनामें की चर्चा दूसरे दिन भी लोगाें के बीच होती रही।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लालगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हमराहियाें के साथ रामपुर बावली चौराहे पर बुधवार की शाम बदमाशों की तलाश में वाहनों चेकिंग कर रहे थे। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी बिना कागज की बाइकाें व दुपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाकर जाने वालों को रोक कर चालान कर रहे थे। यह देखने के लिए तमाशबीनों की भीड़ भी चौराहे पर जुटी थी। इस दौरान लालगंज पुलिस का एक कारनामा खाकी को शर्मशार कर गया। हुआ यह कि चेकिंग के दौरान एक युवक बिना डीएल व कागजात के बाइक से कहीं जा रहा था।
प्रभारी निरीक्षक से कुछ दूर खड़े एक सिपाही ने उसे रोका और कागज दिखाने को कहने पर वह बाइक छोड़ने मिन्नतें करने लगा। पहले तो पुलिस वालाें ने उसे पर बाइक का चालान करने का धौंस जमाया, लेकिन बाद में एक सिपाही ने एक दुकान की ओर इशारा करते हुए कहा कि बाइक ले जाना है तो जितने पुलिस कर्मी हैं उतना गिलास जूस वहां से ले आओ। यह सुनते ही युवक हाथ जोड़ता हुआ जूस की दुकान पर पहुंचा और सात गिलास जूस पैक कराने के बाद पैसे देकर सिपाही को पकड़ा दिया। इसके बाद सिपाही ने उसे चाभी पकड़ा दी और युवक बाइक लेकर घर की ओर रवाना हो गया। पुलिस की यह करतूत देख प्रत्यक्षदर्शी हैरत में पड़ गए। प्रत्यक्षदर्शी अभी लालगंज पुलिस के करतूत की चर्चा कर ही रहे थे कि वाहन चेकिंग कर रहे एक सिपाही ने बिना कागजात की बाइक छोड़ने के एवज में उसे चला रहे युवक से चौराहे पर फल की दुकान पर सौ रूपए नाश्ता पानी के लिए जमा करने के लिए कहा। बाद में उसकी बाइक छोड़ दी गई।
सीधे पैसा तो उसने नहीं लिया लेकिन बाइक सवार के जाने के बाद फल विक्रेता से पैसा नकद ले लिया गया। पुलिस की इस करतूत की रामपुर चौराहे की दुकानाें व होटलाें पर दिन भी चर्चा होती रही। ऐसे में पुलिस अधीक्षक की मंशा कैसे पूरी होगी जब उनके मातहत की उनके फरमान का माखौल उड़ाने को कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। इस बारे में कोतवाल से बात करने का प्रयास किया गया तो सीयूजी उठाने वाले दरोगा ने जानकारी से इंकार कर दिया। उन्होने बताया कि साहब की रात में तबियत खराब हो गई और वह अस्पताल में भर्ती हैं। वहां क्या हुआ था वही बता सकेेंगे।