जिले के 2331 मतदाता एमएलसी प्रत्याशी की तकदीर लिखेंगे। तीन मार्च को होने वाले चुनाव के लिए मंगलवार को मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। मतदाता सूची में शपथ नहीं लेने वाले प्रधानों और नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुखों और बीडीसी सदस्यों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। पुराने ब्लाक प्रमुख और बीडीसी सदस्य मतदान में हिस्सा लेंगे।
विधान परिषद सदस्य के चुनाव में सांसद, विधायक, शिक्षक विधायक, स्नातक विधायक, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, ब्लाक प्रमुख, नगरपालिका और टाउन एरिया के अध्यक्ष और सदस्य मतदाता होते हैं। तीन मार्च को होने वाले एमएलसी के चुनाव में जिले के 2331 मतदाताओं की सूची तैयार की गई है। इन मतदाताओं में वर्ष 2010 में चुने गए ब्लाक प्रमुख और बीडीसी सदस्य और वर्ष 2015 में चुने प्रधानों को मतदाता बनाया गया है। मगर, वह प्रधान मतदाता बनने से चूक गए हैं जो कैबिनेट का कोरम पूरा नहीं होने के कारण अभी तक शपथ नहीं ले पाए हैं। जो ग्राम प्रधान शपथ ले लिए हैं, उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है।
एमएलसी चुनाव में तगड़ा झटका नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुखों और बीडीसी सदस्यों को लगा है। शासन के इस फैसले से पुराने बीडीसी सदस्यों की कद्र बढ़ गई है। प्रत्याशी उन बीडीसी सदस्यों का मोबाइल नंबर जुटाकर संपर्क करने में जुट गए हैं। इधर, जिला प्रशासन ने मंगलवार को मतदाता सूची को अंतिम रूप देते हुए सार्वजनिक कर दिया है। चुनाव अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2010 में चुनेे गए ब्लॉक प्रमुख और बीडीसी सदस्य के साथ शपथ लेने वाले प्रधानों को एमएलसी चुनाव में मत देने का अधिकार होगा।
एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री प्रारंभ कर दी गई है। अभी तक मात्र एक नामांकन पत्र की बिक्री हुई है। 15 फरवरी को अफीम कोठी में नामांकन, 16 फरवरी को जांच, 18 फरवरी को नाम वापसी और तीन मार्च को सुुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। छह मार्च को अफीम कोठी में मतगणना होगी।