नामांकन के दौर में जारी सभाओं और प्रत्याशियों के जनसंपर्क पर नजर रखने के लिए सियासी दलों ने जासूस छोड़ रखे हैं। यह जासूस प्रत्याशियों के भाषणों और गतिविधियों की सूचना देने के साथ ही वीडियो भी बना रहे हैं।
किसी भी तरह के आपत्तिजनक बयान पर तत्काल इसे निर्वाचन आयोग तक पहुंचाया जा रहा है। इतना ही नहीं केस भी दर्ज हो रहे हैं।
जिले में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले लगातार दर्ज हो रहे हैं। जिसमें अधिकांश मामले मोबाइल से बनाए गए वीडियो के हैं। सभी दलों के प्रत्याशियों ने दूसरे खेमे की जासूसी करने के लिए जासूस छोड़ रखे हैं। यह लोग क्षेत्र में आयोजित विरोधी प्रत्याशियों की जनसभाओं व जनसंपर्क पर निगाह रखते हैं। जनसभाओं के दौरान नेताओं की जुबान भी फिसल जाती है। जो उनके खिलाफ कार्रवाई का सबब बन रही है।
जो नेता भड़काऊ भाषण दे रहे हैं या फिर किसी को धमका रहे हैं, उनका वीडियो कुछ ही देर में जासूस अपने नेता के पास पहुंचा देते हैं। उनके इशारे पर ऐसे वीडियों तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। जनता के बीच विरोधी दलों के जासूस वीडियो बनाते हैं। जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगती। चूंकि भीड़ में उनके समर्थक भी वीडियो बनाते रहते हैं। उसी वीडियो क्लिप को आधार बनाकर नेता विरोधी प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई करा देते हैं। जिले में अब तक कई मुकदमे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दर्ज हो चुके हैं। जिसमें सरकारी डाक्टर समेत अन्य लोग भी शामिल है।