लोकतंत्र में जगह पाने के बाद भी महिलाएं अपने पांव नहीं जमा पा रही हैं। सियासत की प्राइमरी कक्षा में जनता के जरिये सौंपी गई कुर्सी उनके पति व ससुर संभाल रहे हैं। उनका सारा समय राजनीति की दुनिया से दूर घर-गृहस्थी के काम में ही बीत रहा है। यह स्थिति जानने के लिए आप को नगर पालिका क्षेत्र के सहोदरपुर पूर्वी वार्ड नंबर एक में चलना होगा।
समस्याओं की जंजीर में जकड़े इस वार्ड की पार्षद हेमलता सिंह हैं। मगर राजनीति से उनका कोई वास्ता नहीं है। बीए तक पढ़ी-लिखी हेमलता सिंह चुनाव में रामकुमार को पराजित कर पहली बार वार्ड की पार्षद बनीं। मगर चुनाव जीतने के बाद पार्षद घर-गृहस्थी के काम में लग गईं। बेहद संपन्न परिवार की पार्षद का घर की डेहरी से बाहर निकलना नहीं होता। अमर उजाला टीम उनके घर पहुंची तो दरवाजे पर कई लोग बैठे थे।
थोड़ी देर इंतजार के बाद पार्षद घर से बाहर आईं। हर सवाल पर उनकी हड़बड़ाहट यह बता रही थी कि उन्हें वार्ड की समस्याओं के बारे में कुछ खास नहीं पता। उनके पति संजय सिंह व ससुर ने बताया कि लालता के घर से निकली सड़क प्रापर्टी डीलरों की वजह से खराब हो गई। विकास कार्यों के लिए पार्षद से सदन की बैठक में प्रस्ताव देने की बाबत पूछा तो जवाब मिला वह प्रस्ताव दे रखी हैं। मगर उसमें शामिल कार्यों के बारे में वह कुछ नहीं बता सकीं। वार्ड में तैनात सफाई कर्मियों की बाबत भी पार्षद नहीं बता सकीं। लोगों ने बताया कि खुद पार्षद क्षेत्र में नहीं आतीं। उनके ससुर या पति मिलते रहते हैं।