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अयोध्या फैसले को लेकर दूसरे दिन भी सतर्क रही पुलिस

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दुसरे दिन शहर में सामान्य रहा यातायात चौक से बाबागंज रोड पर लगा रहा जाम? - फोटो : PRATAPGARH
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अयोध्या फैसले को लेकर रविवार को दूसरे दिन भी पुलिस सतर्क रही। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पुलिसकर्मियों को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के लिए लगाया गया था। रात भर अफसर थानेदारों से कुशलता की जानकारी लेते रहे। फोर्स भी अपने इलाके में हूटर बजाते हुए भागती रही। हालांकि कोई भी अप्रिय वारदात न होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीमकोर्ट का शनिवार को फैसला आया। फैसले के बाद बवाल की आशंका को देखते हुए पूरे जिले में पुलिस सतर्क थी। दिन सकुशल गुजरने के बाद रात में भी अफसरों ने जिले के 1255 गांवों, नगर पालिका और नगर पंचायतों में रहने वाले लोगों पर नजर रखा। अफसर रातभर मातहतों से बराबर लोकेशन लेते रहे। ताकि पुलिस के लगातार चक्रमण करने से लोगों में सुरक्षा का भाव बना रहे।
कुछ देर आराम करने के बाद दूसरे दिन रविवार की सुबह से ही पुलिस फोर्स फिर अपने क्षेत्र में भ्रमण कर संभ्रांत लोगों से कुशलता की जानकारी करने लगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात 45 आरक्षी व मुख्य आरक्षी संग निरीक्षक और उपनिरीक्षकों को संवेदनशील इलाके पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में लगाया गया था।
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खुफिया विभाग के पुलिसकर्मी भी बराबर नजर रखे हुए थे। बाहर से आने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही थी। फिलहाल दूसरे दिन भी शहर, गांव की बाजारों के साथ ही संवेदनशील इलाकों में पुलिस बनी हुई थी। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि फैसले के बाद जिले में कोई भी अप्रिय वारदात नहीं हुई।
पुलिस द्वारा पहले से तैयार किए प्लान के तहत शांति व्यवस्था के लिए जो प्रयास किया गया था। उसका नतीजा देखने को मिला। वैसे भी बेल्हा की गंगा जमुनी तहजीब जगजाहिर है। ऐसे मौके पर अराजकता पैदा करने की कोशिश करने वालों को मुंह की खानी पड़ती है।
36 कट्टरपंथी छोड़ दिए थे जनपद
जिले के कट्टरपंथियों पर पुलिस प्रशासन कई दिनों से नजर रख रही थी। करीब 86 कट्टरपंथियों का मोबाइल पुलिस ने सर्विलांस पर लगा रखा था। पुलिस द्वारा कार्रवाई की आशंका को देखते हुए 36 कट्टरपंथियों ने जनपद छोड़ दिया था। शनिवार की रात उनकी खोजबीन शुरू हुई लेकिन वे अपनी रिश्तेदारी पहुंच गए थे। बाहर से आने वाले रिश्तेदारों पर भी पुलिस की निगाह थी।
जिले की सीमा पर होती रही चेकिंग
अयोध्या प्रकरण को लेकर फैसला आने के दूसरे दिन जिले की सीमा पर संदिग्ध लोगों की चेकिंग होती रही। चार पहिया व दुपहिया वाहनों की तलाशी पुलिसकर्मी लेते रहे। वाहन सवार लोगों से पूछताछ होती रही। चेकिंग के दौरान पुलिस ने 186 दुपहिया वाहनों का चालान किया।
बाजारों में लौटी रौनक , सामानों की खरीदारी करने के लिए हर कोई पहुंचा बाजार
सामानों की खरीदारी करने के लिए हर कोई बाजार पहुंचा। कोई भी अयोध्या मुद्दे पर बातचीत करता नहीं दिखा। कुछ चाय-पान की दुकानों पर बहस छिड़ते ही लोग हाथ जोड़ लेते रहे। ताकि किसी भी पचड़े में लोग न फंसे।
अयोध्या प्रकरण को लेकर शनिवार को फैसला आया। फैसला आने के बाद बवाल की आशंका को लेकर हर कोई अलर्ट था। लोग अपने घरों से कम ही निकले। पहला दिन कुशलता के साथ बीतने के बाद रविवार को दूसरे दिन फैसले को दरकिनार कर लोग अपने रोजमर्रा के काम-काज में जुट गए। हर कोई अपने कारोबार, नौकरी और खेती बारी में व्यस्त हो गया।
एक दूसरे से जरूरतों को लेकर बातचीत भी की लेकिन फैसले पर कोई बात नहीं हुई। शहर में शनिवार को बंदी होने के कारण दुकानें बंद थी। जिसके चलते सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि रविवार को सुबह से ही दुकानें खुली। बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिससे बाजारों में रौनक देखने को मिली। दोनों धर्मों के मानने वाले बगल-बगल अपना कारोबार करते रहे।
बेल्हा की आबोहवा में अमन-चैन
बेल्हा की आबो हवा में अमन चैन दूसरे दिन भी कायम रहा। पहले की तरह हर कोई एक दूसरे से सलाम दुआ करने के साथ ही नमस्कार कर भाईचारे को मजबूत रिश्ते में बदलता रहा। फैसले का हर कोई दिल खोलकर स्वागत कर रहा है।
अयोध्या प्रकरण को लेकर शनिवार को फैसला आया। फैसले के बाद कुछ देर के लिए बाजार से लेकर गांवों में खामोशी का आलम दिखा था लेकिन शाम तक सबकुछ पुराने ढर्रे पर लौटता नजर आया। रविवार को भी बेल्हा की आबो हवा में अमन चैन कायम रहा। यहां की गंगा जमुनी तहजीब हर किसी के सिर चढक़र बोलती नजर आई।
पहले की तरह मिलने पर दुआ सलाम होता रहा। लोग नमस्कारी कर सांप्रदायिक सौहार्द को कायम रखने के लिए एक दूसरे के साथ बातचीत करते नजर आए। बातचीत के दौरान हिन्दु मुसलमान दिल खोलकर फैसले का स्वागत करते रहे। धोबी समाज के अध्यक्ष अब्दुल जब्बार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम सब मिलकर झ्स्वागत करते हैं। फिलहाल सुबह से लेकर शाम तक हर कोई फैसले से अधिक आपसी व रोजमर्रा की बातों पर तवज्जो दिया।

राम मंदिर फैसले के दुुसरे दिन श्रीराम तिराहे पर रही चहल पहल।- फोटो : PRATAPGARH

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