लीलापुर थाना क्षेत्र के मानापुर सिंधौर निवासी संविदाकर्मी सौरभ विश्वकर्मा के हत्यारोपी 50 हजार का इनामी अमन तिवारी खुद चलकर कोर्ट पहुंच गया और आत्मसमर्पण कर पुलिस को मात दे दी। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए घर, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। मोबाइल सर्विलांस भी कराया गया, लेकिन आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा।
शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे आरोपी अपने अधिवक्ता के साथ सीजेएम कोर्ट पहुंचा। जज के सामने पेश होकर उसने सरेंडर की अर्जी दी। कोर्ट परिसर में हत्यारोपी के सरेंडर की खबर जैसे फैली, पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस कर्मियों ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
आरोपी के सरेंडर को लेकर लोगों में चर्चाएं होती रहीं। दरअसल, आपूर्ति विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा की 13 अगस्त की शाम करीब साढ़े सात बजे गजाधर इंटर कॉलेज लक्ष्मणपुर के पास आरोपियों ने डंडा और सरिया से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। 14 अगस्त को पोस्टमार्टम के बाद नाराज परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
संविदाकर्मी की हत्या से सियासी बहस तेज हो गई। दबाव में आई पुलिस ने 14 अगस्त को हत्यारोपी डांडी निवासी विपिन तिवारी उर्फ दारोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 15 अगस्त को हत्या में शामिल आरोपी डांडी निवासी सौरभ तिवारी और संजय कुमार उर्फ मिंटू उपाध्याय को भी पुलिस ने दबिश देकर कामयाबी हासिल की, लेकिन तीन हत्यारोपी डांडी निवासी अनुज तिवारी, तुला का पुरवा दीपू सिंह व तुलाई का पुरवा निवासी अमन तिवारी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई।
16 अगस्त की सुबह पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने तीनों आरोपी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। शाम को ही पुलिस ने अनुज तिवारी को सिंधौर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। दो हत्यारोपी दीपू सिंह और अमन तिवारी पुलिस के हाथ नहीं लग रहे थे।
पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार मिश्रा ने इनाम की राशि दोगुनी कर 50-50 हजार कर दिया। बावजूद इसके दोनों आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जा सके। शुक्रवार को अमन तिवारी ने दोपहर करीब एक बजे कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया।