तीन दिन पहले घर में सो रहे युवक पर चापड़ से हमले के मामले में पुलिस ने भीम सरोज को जेल भेजकर कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जबकि हमले को अंजाम देने वाला आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। भीम सरोज को जेल भेजने पर प्रधान व ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इस कार्रवाई को पुलिस की ज्यादती करार दिया है।
देल्हूपुर थाना क्षेत्र के बोझी निवासी शुभम सरोज वृहस्पतिवार की रात घर में सो रहा था। इसी बीच हमलावर ने चापड़ से मारकर उसे लहूलुहान कर दिया। प्रधान राजकुमार सरोज और ग्रामीणों की मदद से घायल को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे प्रयागराज के एसआरएन रेफर कर दिया।
चर्चा है कि शुभम की बहन के कहने पर पुलिस ने भीम सरोज को उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस का दावा है कि आरोपी की निशानदेही पर चापड़ भी बरामद किया गया है। आरोप है कि पुलिस भीम की गिरफ्तारी भोपतपुर मोड़ से दिखा रही है, लेकिन उसे पुलिस ने सोते समय घर से गिरफ्तार किया था।
ग्रामीणों में चर्चा है कि शुभम के पुराने दुश्मनों ने उस पर वार किया है। घटना के दिन सुबह ही शुभम को मोबाइल पर धमकी मिली थी। रात में हमलावरों ने घटना को अंजाम दिया। उनका कहना है कि पुलिस शुभम और उसके घर वालों की मोबाइल का सीडीआर निकलवाए तो आरोपियों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
थानाध्यक्ष धनंजय राय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। शुभम से भी घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों का नाम सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
एसआईओ कार्यालय से हुई पूछताछ
ग्राम प्रधान राजकुमार सरोज ने बताया कि अमर उजाला अखबार में घटना के खुलासे से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद एसआईओ कार्यालय ने प्रकरण के बारे में पूछताछ की है। स्पेशल इंटेलीजेंस अफसर जगदीश गुप्ता ने बताया कि खबर प्रकाशित होने के बाद प्रकरण के बारे में पूछताछ की जाती है। इसके बाद उच्च अधिकारियों को घटना के बारे में बताया जाता है। किसी कर्मचारी ने जांच पड़ताल के लिए ग्राम प्रधान से पूछताछ की होगी।