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जेल से छूटते ही एआईएमआईएम नेता को उठा ले गई पुलिस

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कचहरी में हुए बवाल में गिरफ्तार एआईएमआईएम नेता को न्यायालय लेकर जाती पुलिस। - फोटो : PRATAPGARH
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जमानत मिलने के बाद जेल से तीसरे दिन छूटते ही एआईएमआईएम नेता इसरार अहमद व शुजातउल्ला को पुलिस ने फिर उठा लिया। बवाल की आशंका को देखते हुए उन्हें कड़ी सुरक्षा में पांच घंटे तक पुलिस लाइन में रखा। पुलिस लाइन में गत दिनों हुए बवाल के मामले में दोनों नेताओं का कोतवाली पुलिस ने न्यायालय चालान भेजा। वहां से दोनों नेताओं को जमानत मिल गई। जबकि शांतिभंग की आशंका में जेल भेजे गए तीन अन्य नेता जेल से छूटने के बाद सुबह ही अपने घर चले गए।
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मंगलवार को कलेक्ट्रेट में बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करने व निषेधाज्ञा तोड़ने के मामले में कोतवाली पुलिस ने अनशन पर बैठे अधिवक्ता व एआईएमआईएम नेता शुजातउल्ला, इसरार अहमद समेत पांच लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया था। एसडीएम ने सभी की जमानत अस्वीकार कर दी थी। जिसके बाद सभी को जेल भेजा गया था। जमानत मिलने के बाद गुरुवार की सुबह जेल भेजे गए इसरार अहमद, शुजातउल्ला, सलीम, रकीब, साकिब को जेल से रिहा किया गया।
बाहर निकलते ही कोतवाली पुलिस ने इसरार अहमद व शुजातउल्ला को अपने वाहन में बैठा लिया। जबकि अन्य तीनों को छोड़ दिया। बवाल की आशंका को देखते हुए इसरार अहमद, शुजातउल्ला को पुलिस लाइन में रखा गया। करीब पांच घंटे तक दोनों से पुलिस पूछताछ करती रही। दोपहर बाद कोतवाली व अंतू पुलिस दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। उनके साथ स्वाट टीम भी रही।
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मेडिकल के बाद दोनों को पुलिस लाइन में जुमे की नमाज को लेकर हुए बवाल में दर्ज मुकदमे में न्यायालय चालान भेजा गया। जहां से दोनों नेताओं को जमानत मिल गई। इस बीच दीवानी न्यायालय के आसपास भारी संख्या में पुलिसकर्मी व समर्थक मौजूद रहे।
भोर में ही जेल पहुंच गई कोतवाली पुलिस
शांतिभंग की आशंका में एआईएमआईएम नेताओं को जमानत मिल गई थी। इस बात की भनक पुलिस को लग गई। अधिकारियों के आदेश पर नगर कोतवाल इसरार अहमद व शुजातउल्ला पर शिकंजा कसने के लिए भोर में जेल पहुंचकर रिहाई क इंतजार करने लगे। करीब साढ़े आठ बजे जैसे ही सभी लोग जेल से बाहर निकले कि नगर कोतवाल ने सभी को अपने वाहन में बैठा लिया। पुलिस कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहती थी।
मेडिकल के दौरान होती रही तकरार
जिला अस्पताल में मेडिकल के दौरान एआईएमआईएम नेता इसरार अहमद व शुजातउल्ला चिकित्सक को मारपीट का निशान दिखाने लगे। वे पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाने लगे। जिसके बाद पुलिस विरोध करने लगी। जिसे लेकर तकरार होती रही। हालांकि बाद में पुलिस बचाव की मुद्रा में दिखी।
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