अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को कई तरह के खेल करने पड़ते हैं। ऐसा ही एक दांव जीआरपी ने ट्रेन लुटेरे को पकड़ने के लिये चला। दरअसल, रविवार की रात को जीआरपी ने अमेठी के पास से शातिर लुटेरे मनोज सरोज को गिरफ्तार किया था। उसके पास से लूट का मोबाइल और नकदी भी मिली थी। मोबाइल लखनऊ की रहने वाली रेशमा सिंह पत्नी अतुल का था। लूट एक महीने पहले हुई थी। घटना के बाद से मनोज फरार चल रहा था। लूटे गये मोबाइल की ईएमईआई पर जीआरपी वाले ट्रेस करने में लगे थे। उस मोबाइल से जिन लोगोें से बात हो रही थी, पुलिस उनको भी ट्रेस कर रही थी। मगर लुटेरा हर बार स्थान बदल दे रहा था। जिससे पुलिस उस तक पहुंच नहीं पा रही थी। मनोज की गिरफ्तार से एक दिन पहले शनिवार की रात जीआरपी को चिलबिला रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात युवक की कटी हुई लाश मिली।
पुलिस को पता नहीं क्या सूझा कि जिन नंबरों को ट्रेस किया था उसी में से एक नंबर पर नये मोबाइल से डॉयल कर दिया। अंधेरे में छोड़ा गया तीर बिल्कुल सटीक निशाने पर बैठा। नया नंबर देख फोन लुटेरे के परिचितों ने उठाया। प्रभारी एसओ विवेक मौर्या ने बताया कि फोन उठाने वाले को बताया गया कि एक युवक की लाश चिलबिला में मिली है। जिस नंबर से फोन किया गया है वह मोबाइल उसी लाश से मिला है। जिसमें यह नंबर था। अगर आप लोग उनके परिचित हैं तो शीघ्र ही जीआरपी आ जाएं। जिससे लाश की शिनाख्त में आसानी होगी। बातों ही बातों में उन लोगों ने अपना सही पता भी पुलिस वालों को दे दिया। बस फिर क्या था रविवार की रात में अमेठी में बताये गये पते पर पहुंचकर जीआरपी वालों ने लुटेरे मनोज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मनोज के ऊपर सफेदपोशों का हाथ है। एक नेता ने तो मनोज को छोड़ने के लिये पुलिस वालों को धमकाया भी था। मगर बाद में वह पीछे हट गया। विवेक मौर्या ने बताया कि अपराधियों तक पहुंचने के लिये पुलिस वालों को नये-नये पैंतरे बदलने पड़ते हैं।