वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने दिल्ली के पश्चिम विहार में किशोरी के साथ हुई हैवानियत को भयावह व निर्भया कांड जैसी घटना करार दिया है। तिवारी ने कहा कि राजधानी दिल्ली की कानून व्यवस्था केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है। इस हैवानियत भरी घटना से साफ हो गया है कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में दिल्ली सुरक्षित नहीं रह गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी दिल्ली में हत्या, गैंगरेप, अपहरण व गैंगवार की घटनाएं बहुत अधिक बढ़ चुकी हैं। ऐसे में भाजपा का बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा मजाक बनकर रह गया है। पूर्व सांसद तिवारी ने एलएसी पर चीन के अतिक्रमण का मुद्दा उठाते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर पर अपलोड किए गए दस्तावेज से साफ हो गया कि चीन ने पूर्वी लद्दाख में मई माह में ही अतिक्रमण कर लिया था। जबकि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का भारतीय सीमा के अतिक्रमण पर दिया गया बयान इसके विपरीत है।
तिवारी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने देश की सीमा के बारे में झूठा बयान देकर जनता को गुमराह किया है। इस झूठ से विश्व पटल पर देश की स्थिति हास्यास्पद बन गई है। उन्होंने पीएम मोदी से इस मसले पर श्वेत पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।