मीराभवन वार्ड में जुलाई से पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ। साढ़े तीन महीने बाद भी तीन किमी की परिधि में पाइप नहीं बिछ सका। इससे करीब तीन हजार की आबादी को गंदा पानी मिल रहा है। कई लोग घरों में आरओ वाटर की बोतल खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं।
वार्ड में करीब आठ सौ घर आते हैं। वार्ड में पानी की सप्लाई पाइप करीब तीन दशक से अधिक पुरानी है। जगह-जगह पाइप में लीकेज हो गया है। नालियों से होकर गुजरी पाइपलाइन से साफ पानी नहीं मिला। करीब 2900 मीटर पाइपलाइन बिछाने के 25 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। साढ़े तीन महीने बाद भी इसे पूरा नहीं किया जा सका।
रास्ते में जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। लोगों ने पाइपलाइन को ठीक से न बिछाने का आरोप लगाया है। लोगों ने बताया कि पाइपलाइन की ऊपरी सतह सड़क पर दिख रही है। भारी वाहनों के गुजरने पर ये क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
जल निगम के जेई सभापति ने बताया कि बारिश की वजह से कार्य रुक गया था, जल्द ही पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाएगा। जहां भी कमियां हैं, उन्हें ठीक किया जाएगा।
नोट- अधूरी पड़ी पाइप लाइन, गंदा पानी पीने की मजबूर की खबर का जोड़-
30 वर्ष पहले बिछाई गई थी पाइपलाइन
वार्ड में करीब 30 वर्ष पहले बिछाई गई पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी है। अतिरेक पांडेय, अनुराग मिश्रा, दीपक तिवारी ने बताया कि पुरानी पाइपलाइन में नाली से सटकर बिछाई गई है। जगह-जगह लीकेज है, इससे दुर्गंधयुक्त पानी आता है।
लोग बोले
आरओ वाटर खरीदकर पीना पड़ रहा है। बिछाए गए पाइपों को जोड़ने में भी लापरवाही बरती जा रही है। प्रेशर से जोड़ खुल जाएगा। पाइपलाइन बिछाने में मानक का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - शशिलेंद्र सिंह, मीराभवन
करीब साढ़े तीन महीने से कार्य हो रहा है। कार्य भी मानक के अनुरूप नहीं है। जहां लापरवाही बरती गई हैं, उसे ठीक किया जाए, व्यवस्थित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। - धीरज सिंह, सभासद मीराभवन
मीराभवन वार्ड के आवास विकास कॉलोनी में खुले में पड़ी पाइप लाइन। संवाद
मीराभवन वार्ड के आवास विकास कॉलोनी में खुले में पड़ी पाइप लाइन। संवाद
मीराभवन वार्ड के आवास विकास कॉलोनी में खुले में पड़ी पाइप लाइन। संवाद