नगर पंचायत मानिकपुर में बूथ देखने पहुंचे जिलाधिकारी ने टेंट में चल रहे कार्यालय को देखकर नाराजगी जाहिर की। यह नगर पंचायत कार्यालय के पास ही बनाया गया था। जिलाधिकारी ने एसडीएम को बुलाकर तुरंत इसके अनुमति पत्र को निरस्त किया। इसके साथ ही टेंट को तुरंत उखड़वा दिया। उधर दुकानों और घरों पर चिपकाए गए पोस्टर देख भी उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी एसपी के साथ नगर पंचायत मानिकपुर में बूथ निरीक्षण करने के लिए गए थे। नगर पंचायत जाने वाली रोड से जब वह अंदर घुसे तो नगर पंचायत कार्यालय के पास ही एक टेंट लगाकर और उसमें कुछ कुर्सियां रखकर एक प्रत्याशी का कार्यालय बनाया गया था। जिलाधिकारी ने नगर पंचायत कार्यालय के पास चुनाव कार्यालय बनाने पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम से तुरंत अनुमति निरस्त करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कहा कि चुनाव कार्यालय नगर पंचायत कार्यालय से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर होना चाहिए। एसडीएम ने तुरंत अनुमति पत्र मंगवाकर उसे निरस्त कर दिया। इसके साथ ही तुरंत टेंट को हटाकर वहां से कुर्सियां आदि हटवा दीं। इसके बाद जिलाधिकारी ने इंटर कालेज मानिकपुर और प्राथमिक विद्यालय मानिकपुर में बनने वाले मतदान केंद्र और बूथ का निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने घर व दुकान की दीवारों पर लगने वाले पोस्टर पर नाराजगी जाहिर की। इसके लिए उन्होंने एक दुकानदार को डाट लगाई तो एक अन्य दुकानदार को हिरासत में भी लेने का निर्देश दे दिया। यही नहीं उन्होंने तुरंत मानिकपुर के आरओ को भी बुलाने का निर्देश दिया। हालांकि देर शाम तक पोस्टर लगाने और लगवाने वालों पर रिपोर्ट दर्ज किए जाने की कार्रवाई चल रही थी।
13 पर आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट
जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी संस्थान, पोल व बिना अनुमति के घरों पर पोस्टर चिपकाने के मामले को लेकर 10 नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशियों और तीन सभासद पद के प्रत्याशियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रामनरेश फौजी, अबूजैद गुड्डू, अशोक जायसवाल, मो.ईमान, भीमसेन सोनकर, राम बहादुर मौर्य, मो.अयूब, कनकलता सोनकर, विमला सोनकर, करुणेश शर्मा सहित तीन सभासद के प्रत्याशी शामिल हैं।