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रुपये बदलने को गेट से सड़क तक लगी लाइन

Wed, 16 Nov 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
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न्‍यूूज
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बैंकों में हजार और पांच सौ के पुराने नोट बदलने के लिए की सप्ताह भर बाद भी भीड़ छंट नहीं रही है। बुधवार को भी सुबह सात बजे ही लोग लाइन में लग गए। बैंकों के गेट से सड़क तक कतार लगी रही। लोग चार से पांच घंटे तक नोट बदलवाने के लिए लाइन में खड़े रहे। धक्कामुक्की और हो-हल्ला होता रहा। दूसरी तरफ फुटकर रुपये खत्म होने के कारण अब लोगों को जरूरत के सामान भी नहीं मिल पा रहे हैं।
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सप्ताह भर बाद भी बैकों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहकों को संभालना पुलिसकर्मियों के लिए भारी पड़ रहा है। सुबह सात बजे से ही ग्राहक लाइन में लग जाते हैं। इतनी लंबी लाइन हो जाती है कि मेन रोड पर भी लोग खड़े होकर अपने नम्बर का इंतजार करने लगते हैं। लाइन में लगे लोगों में धक्कामुक्की और झड़प होती रही। महिला अस्पताल स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मेन ब्रांच में सुबह से ही भीड़ जमा हो गई। पैसा जमा करने के लिए बैंक के अंदर बुलाया जा रहा था और बदलने के लिए एटीएम के बगल पतली सी गली में लाइन लगवाई जा रही थी। कतार इतनी बड़ी थी कि कचहरी-चौक मार्ग तक लोग खड़े हो कर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। वहीं अस्पताल में आने वाली महिलाएं भीड़ को देखकर एकांत में बैठ जा रही थीं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग से लाइन नहीं लगवाई गई थी।

प्रताप बहादुर पार्क में स्थित बैंक आफ बडौदा में सुरक्षा के नाम पर कोई बंदोबस्त नहीं था। भीड़ अधिक थी मगर एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थे। इसके चलते लाइन में लगे लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए जबरन आग बढ़ जा रहे थे।
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भारतीय स्टेट बैंक चिलबिला में भी भारी भीड़ थी। बैंक कर्मचारी 20-20 लोगों को अंदर ले रहे थे। बाकी लोग गेट पर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इससे लोग परेशान दिख रहे थे। बैंक आफ बड़ौदा चिलबिला में पुराने नोटों को जमा कर लिया जा रहा था, मगर नए नोट दो हजार के ही दिए जा रहे थे। फुटकर पैसा न होने की बात कहकर ग्राहकों को लौटा दिया जा रहा था। मीराभवन में स्थित ओरियंटल बैंक में सुबह से ही भीड़ जमा हो गई। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग से लाइन लगवाई गई थी। सुबह से लाइन में लगने के बाद दोपहर में जाकर कहीं रुपये बदले जा सके।
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