सोमवार को शहर में दुकान खोलने पहुंचे लोगों को लॉकडाउन की जानकारी हो सकी। भनक लगने पर कोतवाली पुलिस ने दुकानों को बंद कराया। खुलने वाली दुकानों की तस्वीर व वीडियो पुलिसकर्मी बनाते रहे। दूसरी ओर कटरामेदनीगंज में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए बाजार खुला रहा। कंटेनमेंट जोन में भी दुकानें खुली रहीं। पुलिस इससे अंजान रही।
कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर जिला प्रशासन ने शहर में 31 जुलाई तक के लिए लॉकडाउन लागू कर दिया है। केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने का आदेश दिया गया था। सोमवार को आदेश से अंजान दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे। बाजार में दुकानों के खुलने की भनक लगते ही कोतवाली पुलिस दुकानों को बंद कराने लगी। शहर के चौक घंटाघर, अंबेडकर चौराहा, बाबागंज समेत अन्य इलाकों में दुकानें बंद कराई जाती रहीं। अफरा-तफरी के माहौल के बीच दुकानों को बंद कर व्यापारी घर लौट गए।
जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। गल्ला मंडी, सब्जी मंडी, पंजाबी मार्केट, ठठेरी बाजार समेत अन्य इलाकों की दुकानें बंद रहीं। केवल आवश्यक सेवा वाली वस्तुओं की दुकानें ही खुली रहीं। दूसरी ओर कटरामेदनीगंज में लगातार संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है। सोमवार को बाजार के करीब बाजारी सजी। जिसमे खरीदारी करने के लिए लोग बिना मास्क के पहुंचे। जबकि साप्ताहिक बाजार पर रोक लगी है। सिटी चौकी की पुलिस भी अंजान रही।
मृत वृद्धा के जिंदा होने का मचा शोर
बीमार वृद्धा केे मृत होने के बाद जिंदा होने की खबर का शोर मच गया। जिसे लेकर लोगों की भीड़ लग गई। हालांकि बाद में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नगर कोतवाली के अजीत नगर निवासी धीरज वेणु पेंटर की मां की तबियत कई दिनों से खराब थी। सोमवार की शाम उसका निधन हो गया। परिजनों ने शव को बर्फ पर रख दिया। दो घंटे बाद उसके जिंदा होने का शोर मच गया। स्थानीय प्राइवेट चिकत्सिक भी पहुंचे। लोगों के अनुसार चिकित्सक ने भी मृत वृद्धा को जिंदा बता दिया। इसके बाद उसे बर्फ से उतारकर आग के करीब ले जाया गया। रात करीब पौने नौ बजे फिर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।