जिले में शीतलहर के प्रकोप से हर कोई बेहाल है। मंगलवार को सर्द हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। जबकि अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री पर स्थिर रहा। सुबह 10 बजे तक कोहरे की घनी चादर छाई रही। हाईवे समेत प्रमुख मार्गों पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन धीमी गति से संचालित हुए।
ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सहारा लिया। दोपहर बाद धूप निकलने से भी गलन का असर कम नहीं हुआ। जिस कारण लोग घरों में कैद रहे। शाम को फिर से गलन भरी ठंड शुरू हो गई। देरशाम सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम रही। मौसम विभाग ने बुधवार को भी कोहरा व शीतलहर का असर जारी रहने का अंदेशा जताया है।
सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फवारी और पछुआ हवाओं के कारण रात के तापमान में कमी दर्ज की जा रही है। अगले 24 घंटे जिले में कड़ाके की ठंड पड़ने का अंदेशा है।