लखनऊ में शार्ट सर्किट के चलते आग की चपेट में आने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर मिलने से इलाके में मातम छाया गया। परिवार के मुखिया को लेकर गांव के लोग लखनऊ के लिए रवाना हो गए। घर पर गांव वालों व रिश्तेदारों का जमघट लगा रहा।
कंधई थाना क्षेत्र के जोलहापुर निवासी तीर्थराज सिंह का लखनऊ में रसोई चूल्हा समेत अन्य उपकरणों का कारोबार है। वह अपने परिवार के साथ लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र के मायावती कालोनी रामविहार फेज टू में रहते हैं। तीर्थराज दो दिन पहले गांव आए थे। आधी रात को उनके पास खबर आई की लखनऊ स्थित उनके आवास में शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग लगने से घर में सो रहे तीर्थराज के बेटे सुमित सिंह (38), बहू जूली सिंह (35) छह माह की नातिन बेबी व वंदना (15), भांजा पुनीत उर्फ डबलू सिंह (20) की जलने से मौत हो गई।
यह खबर मिलने के बाद तीर्थराज ग्रामीणों के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए। पांच लोगों के मौत की खबर मिलने पर पूरे गांव में कोहराम मचा रहा। तीर्थराज के बंद मकान के पास घटना की जानकारी के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। शाम तक रिश्तेदार व गांव वालों का जमघट लगा हुआ था।
बीबीपुर में मचा कोहराम
कंधई थाना क्षेत्र के जोलहापुर निवासी तीर्थराज सिंह इकलौते बेटे सुमित सिंह समेत अन्य लोगों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मचा रहा। सुमित की शादी पट्टी कोतवाली से सटे बीबीपुर गांव में देवी प्रसाद सिंह की बेटी जूली के साथ हुई थी। जूली समेत परिवार के अन्य सदस्यों की मौत की खबर मिलते ही बीबीपुर मेें भी कोहराम मच गया। परिजन रोते बिलखते लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
कंधई थाना क्षेत्र के जोलहापुर निवासी तीर्थराज सिंह का इकलौता बेटा सुमित सिंह लखनऊ में रहता था। इकलौते बेटे, बहू समेत परिवार के अन्य सदस्यों की मौत की खबर मिलने के बाद तीर्थराज बदहवास हो गए। वह पत्नी मीना सिंह, बेटी रंजना, अनू व तनु के साथ गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीष को लेकर लखनऊ रवाना हो गए। इकलौते बेटे की मौत से पूरा परिवार टूट गया।
सुमित के कंधे पर थी बहनों की शादी की जिम्मेदारी
तीर्थराज सिंह के कारोबार की सारी जिम्मेदारी इकलौते बेटे सुमित के ऊपर थी। पिता तीर्थराज को इस बात की खुशी थी कि उनके बेटे का कारोबार अच्छा चल रहा है। अब आने वाले समय में बेटियों के हाथ पीले करने हैं, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। बहनों की शादी करने से पहले ही इकलौते भाई सुमित की अर्थी उठ गई। घर का काम करने वाली कमला का रो-रो कर बुरा हाल था। पांच बहनों के बीच सुमित इकलौता भाई था।