मधुमेह के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब ऐसे मरीजों को पेनफिल इंसुलिन के लिए प्राइवेट अस्पताल के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह उन्हें नजदीकी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी मिल जाएगा।
मधुमेह पर नियंत्रण के लिए मरीजों को लगाई जाने वाली पेनफिल इंसुलिन सरकारी अस्पताल में असानी से नहीं मिलती। इसे मरीजों को परेशान होकर मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ता है। एक वायल में पांच को इंजेक्शन लगाई जाती है, जिसकी वजह से मरीजों को पांच डोज वाला इंजेक्शन मजबूरी में खरीदना पड़ता है।
अब मधुमेह से पीड़ित मरीजों को इंसुलिन पेनफिल मुहैया कराई जाएगी, जो दिखने में पेन जैसा होगा। मरीज इसे खुद ही लगा सकेंगे। इसके लिए डॉक्टर के पास भी नहीं जाना पड़ेगा।
पेनफिल इंसुलिन को सीएचसी और पीएचसी के साथ मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। सीएमओ डॉ.जीएम शुक्ला ने बताया कि पेनफिल से इंसुलिन लेने में डोज निश्चित करने और लगाने में अपेक्षाकृत बहुत कम परेशानी होती है।
अस्पताल में उपलब्ध हैं तीन तरह की इंसुलिन,मधुमेह की दवाएं
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार हर घर में कम से कम दो लोगों का शुगर स्तर अधिक या बहुत अधिक है। इसे नियंत्रित करने के लिए वे दवा ले रहे हैं। ये दवाएं लगातार चलती हैं और इससे गरीबों तथा मध्यम वर्ग के लोगों के घरों का बजट बिगड़ जाता है। प्रतापगढ़ के ड्रग हब में तीन तरह की इंसुलिन, मधुमेह की दवाएं उपलब्ध हैं।