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Tattoo : शरीर पर चित्रकारी महंगी न पड़ जाए, एचआईवी के अलावा हेपेटाइटिस बी और सी का भी खतरा

Sun, 18 May 2025 06:23 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

Passion For Tattoo : टैटू बनवाने के चक्कर में तीन युवाओं ने एड्स जैसी बीमारी को गले लगा लिया। एआरटी सेंटर के प्रभारी डॉ. राकेश त्रिपाठी का कहना है कि असुरक्षित तरीके से शरीर गोदवाने से सिर्फ एचआईवी ही नहीं, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी व अन्य संक्रमित बीमारियों का भी खतरा रहता है।
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टैटू - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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टैटू बनवाने के चक्कर में तीन युवाओं ने एड्स जैसी बीमारी को गले लगा लिया। एआरटी सेंटर के प्रभारी डॉ. राकेश त्रिपाठी का कहना है कि असुरक्षित तरीके से शरीर गोदवाने से सिर्फ एचआईवी ही नहीं, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी व अन्य संक्रमित बीमारियों का भी खतरा रहता है।

डॉ. राकेश त्रिपाठी ने बताया कि जनपद में 5093 एचआईवी संक्रमित है। इनमें 2300 महिला बाकी बच्चे और पुरुष है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के शरीर में टैटू बनाने के लिए जिस सुई का इस्तेमाल किया जाता है, उसे बनाने के बाद नष्ट कर देना चाहिए। लेकिन अधिक कमाई के चक्कर में कई टैटू बनाने वाले ऐसा नहीं करते।

टैटू बनवाने वाले लोग इस खतरे से अनभिज्ञ होते हैं। वह यह भी नहीं देखते कि टैटू बनाने वाले ने मशीन में नई सुई लगाई है या नहीं। ऐसे में संक्रमण पूरी संभावना होती हैं।काउंसलिंग में संक्रमित युवाओं जो जानकारी दी है, उससे आशंका है कि अन्य लोगों ने भी वहीं से टैटू बनवाए हैं। संभव है कि डर, भय और लोकलाज के चलते जांच कराने से किनारा काट रहे हों। इनकी संख्या करीब 50 के आसपास होने की उम्मीद है। अनजाने में वे अब तक न जाने कितनों को संक्रमित कर चुके होंगे।

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क्या है एआरटी सेंटर

एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों को इलाज, देखभाल और सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए केंद्र हैं। ये केंद्र, एचआईवी से पीड़ित लोगों को एंटी रेट्रोवायरल दवाएं उपलब्ध करवाते हैं, जो एचआईवी संक्रमण को नियंत्रित करने और इसके प्रसार को रोकने में मदद करती हैं।

मेले-ठेले में गोदवाने से बचें

टैटू के कारोबार में न तो कोई रोकटोक है, न कोई निगरानी। मेले-ठेले में कई टैटू आर्टिस्ट 25 से 50 रुपये तक में शरीर के किसी भी अंग में टैटू बना देते हैं। एक सुई से उनके पास जितने लोग आते हैं, सभी को गोद देते हैं। इसलिए बचना चाहिए।

एचआईवी और हेपेटाइटिस बीमारी ट्रांसफ्यूजन से फैलती हैं। एचआईवी दूषित रक्त के संपर्क में आने और संक्रमित इंजेक्शन साझा करने से भी फैलता है। संक्रमण से बचने के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी है। - डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज

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टैटू बनवाने से पहले दें ध्यान
 
  • टैटू बनवाने के लिए इस्तेमाल होने वाली स्याही की एक्सपायरी तिथि जरूर जांच लें।
  • टैटू बनवाने से पहले खाली पेट न जाएं और न ही अल्कोहल पीएं।
  • टेंपररी टैटू बनवाने से बचें, इनमें इस्तेमाल होने वाली इंक सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
  • टैटू बनवाने के बाद, इसे साफ कपड़े या टिशू पेपर से ढंककर घर जाएं
  • टैटू बनवाने के बाद, इसे धूप से बचाएं
  • टैटू बनवाने के बाद, इसे धोने के लिए आर्टिस्ट के बताए गए लिक्विड या एंटी-बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करें
  • टैटू बनवाने के बाद, इसे हल्के हाथों से सुखाएं और मॉइस्चराइजर लगाएं
  • टैटू बनवाने के बाद, इसे नोचने या खरोंचनें से बचें
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