शहर के पंजाबी मार्केट में पहली बार जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। दुकानों के बाहर तक हुए निर्माण व टिनशेड को तोड़ दिया गया। व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध किया तो उन लोगों को दुकानों के बारजे के बाहर लगाए बोर्ड हटाने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई। शहर में अतिक्रमण व जाम की समस्या से हर कोई त्रस्त आ चुका है। आए दिन सड़कों व पटरियों पर जाम से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह के आदेश पर मंगलवार को दूसरे दिन भी शहर मेें अतिक्रमण हटाने का अभियान चला गया। अंबेडकर चौराहे से उपजिलाधिकारी सदर शशिभूषण राय, बीडीओ सदर विनीत उपाध्याय, ईओ अवधेश यादव, सीओ सिटी समेत अन्य अधिकारी अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते के अलावा पुलिस बल के साथ निकले। चौक तक हटाए गए अतिक्रमण को अधिकारियों ने देखा।
जिन दुकानदारों ने अपना सामान बाहर सजा रखा था। अधिकारियों के आदेश के बाद उसे नगर पालिका के कर्मचारी अपने वाहन में लाद ले रहे थे। ठेला गाड़ी, ड्रम, बाक्श, बर्तन समेत अन्य सामान जब्त करने की कार्रवाई देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया। वे अपना सामान समेटकर भागने लगे। चौक घंटाघर पर नाले के ऊपर निर्माण को ध्वस्त कराया गया। इसके बाद अधिकारी लाव-लश्कर के साथ पंजाबी मार्केट में आ धमके। जहां नालियों के ऊपर तक बनाए गए निर्माण व टिनशेड तोड़े गए। सब्जी मंडी तिराहे पर पहुंचते ही व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह छाबड़ा समेत अन्य व्यापारी विरोध करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अचानक लगा कि माहौल बिगड़ जाएगा। व्यापारियों की बातों को सुनने के बाद सभी को 24 घंटे के भीतर दुकानों के ऊपर बारजे तक लगाए गए बोर्ड हटा लेने की मोहलत मिली। इसके बावजूद नाली के ऊपर किए गए निर्माण को जेसीबी ध्वस्त करते हुए आगे बढ़ी। एक दुकान के बाहर सीढ़ी तोड़ने को लेकर विरोध हुआ। जिसका नक्शा दिखाने के लिए दुकानदार को कहा गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा।