जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के तीन चरणों में हुए चुनाव में प्रत्याशियों को एक-एक दिन बिताना भारी पड़ रहा है। जीत और हार की गुणा गणित में जहां उनका दिन बीत रहा है, वहीं चुनाव में हुए खर्च का ब्यौरा एकत्रित करके उनके होश उड़ गए हैं। अब उन्हें एक नवंबर को आने वाले परिणाम का बेसब्री से इंतजार है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने तीन चरणों का चुनाव सम्पन्न हो चुका है। कुंडा तहसील का चुनाव 29 अक्तूबर को अंतिम चरण में होगा। जिले के चार तहसीलों में हुए में 6874 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटिकाओं में कैद है। मतगणना एक नवंबर को सभी ब्लाकों में होनी है। यह तिथि काफी लंबी होने के कारण प्रत्याशियों को एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा है। चुनाव के बाद अधिकांश प्रत्याशी अपनी जीत के प्रति आशान्वित हैं। जबकि कुछ प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जो चुनाव के समय माहौल भापकर अपनी हार को स्वीकार कर दैनिक कार्य में लग गए हैं। गांव के किस व्यक्ति ने वोट दिया है और किसने नहीं दिया है। इसका भी आकलन करने के साथ ही चुनाव में हुए खर्च का ब्यौरा भी तैयार कर रहे हैं। फिलहाल प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला एक नवंबर होगा।