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दूसरे चरण में 55.06 प्रतिशत पड़े वोट

Tue, 13 Oct 2015 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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जिले के चार ब्लाकों में दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। दूसरे चरण में कुल 55.06 प्रतिशत मतदान हुआ। यह प्रतिशत पहले चरण के मतदान प्रतिशत से 1.14 प्रतिशत कम है। पहले चरण के चुनाव में 56.20 प्रतिशत मतदान हुआ था। संडवा चंद्रिका के भागीपुर कमोरा बूथ पर अराजकतत्वों ने पीठासीन अधिकारी की पिटाई कर पथराव कर दिया। इससे करीब घंटे भर तक मतदान बाधित रहा। बाद में मौके पर पहुंचे डीएम ने मामला संभाला और वोटिंग शुरू कराई। पहले चरण के मतदान में हुए खूनी संघर्ष से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने जबरदस्त घेराबंदी कर रखी थी। मंगलवार को डीआईजी भगवान स्वरूप और कमिश्नर राजन शुक्ला ने चारों ब्लाकों में चुनाव का जायजा लिया।
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पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में सदर, संडवा चंद्रिका, मानधाता और मंगरौरा विकास खंडों में मतदान हुआ। दूसरे चरण के चुनाव में कहीं भी हिंसक वारदात नहीं हुई। संडवा चंद्रिका के भागीपुर कमोरा बूथ पर पीठासीन अधिकारी और अभिकर्ताओं के बीच कहासुनी होने पर ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया। एडीएम और एएसपी के पहुंचने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो डीएम ने मोर्चा संभाला और घंटे भर बाद मतदान प्रारंभ हो गया। प्राइमरी स्कूल डडवा में बीडीसी सदस्य के दो प्रत्याशियों का वोट एक ही बैलेट बाक्स में डालने और उसमें वार्ड नंबर नहीं लिखने पर कुछ देर के लिए मतदान बाधित रहा।

मगर अधिकारियों की सक्रियता के चलते कुछ ही देर में मतदान प्रारंभ हुआ। कोहड़ौर में पुलिस और मतदाताओं के बीच झड़प हुई, लेकिन स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बड़ी घटना होने से बच गई। पहले चरण में हुई हिंसक घटनाओं से सबक लेते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। दूसरे चरण में हुए चुनाव में मतदान का प्रतिशत घट गया। चारों ब्लाकों में कुल 55.06 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि पहले चरण का मतदान प्रतिशत 56.20 था। पहले चरण के मतदान का रिकार्ड मतदाता नहीं तोड़ सके। मंगलवार को जिला प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना रहा। डीआईसी भगवान स्वरूप और कमिश्नर राजन शुक्ला पूरे दिन जिले में डेरा डाले रहे। उन्होंने मानधाता ब्लाक का भ्रमण कर चुनावी गतिविधियों की समीक्षा की। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सक्सेना चारों ब्लाकों का दौराकर बूथ के बाहर जमे लोगों को दौड़ाते रहे।
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