सदर विधायक नागेंद्र सिंह यादव ‘मुन्ना’ अपने ही गांव की जनता का विश्वास नहीं जीत पाए। प्रधानी की कुर्सी हथियाने के लिए अपने छोटे भाई को मैदान में उतारने पर जनता ने करारा जवाब दिया है। रविवार को हुई मतगणना में विधायक के भाई भूपेंद्र यादव 211 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे। गांव के पूर्व प्रधान राजकुमार यादव ने 28 मतों से जीत दर्ज की है।
रविवार को मतगणना के बाद आने वाला परिणाम काफी चौंकाने वाला था। सत्ता में अपनी हनक जमाने वालों को भी धूल चाटनी पड़ी है। यहीं नहीं चुनाव में दिल खोलकर रुपये और शराब बांटने वालों को भी जनता ने नकार दिया है। मतगणना में अनेक परिणाम चौंकाने वाले रहे हैं। सबकी नजर सदर विकास खंड के पूरेअंती गांव पर थी। जहां सदर विधायक के छोटे भाई भूपेंद्र यादव उर्फ डिब्बू मैदान में थे। सदर विधायक की पत्नी के जिला पंचायत सदस्य और भाई के बीडीसी सदस्य का चुनाव जीतने के बाद उनके समर्थक अपनी जीत के प्रति आश्वस्त थे। मगर रविवार को जो परिणाम आया उससे विधायक और उनके समर्थकों को करारा झटका लगा। गांव के पूर्व प्रधान राजकुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी शफीक अहमद को 28 मतों से परास्त किया। राजकुमार को 318 और शफीक को 290 मत मिले। यशवंत पटेल 280 मत पाकर तीसरे और भूपेंद्र यादव 211 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे।