जिले में दूसरे चरण के चुनाव के लिए सोमवार को पोलिंग पार्टियों को रवाना करने में अफसरों को पसीना छूट गया। जिला प्रशासन ने पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की थी, मगर उनकी दाल नहीं गल पाई। पीठासीन अधिकारी मतपेटी और मतपत्र लेने के बाद कॉलेज के कोने में बैठकर लिफाफा दुरुस्त करने लगे। माइक से बुलाने के बाद भी वह बात को अनसुनी करते रहे। सदर ब्लाक में आलम यह रहा कि दोपहर एक बजे तक एक भी पार्टी नहीं रवाना हुई थी।
मंगलवार को संडवा चंद्रिका, सदर, मानधाता और मंगरौरा ब्लाकों में होने वाले चुनाव के लिए सोमवार को पोलिंग पार्टियां बूथों के लिए रवाना हुईं। सदर ब्लाक में दो बजे के बाद से पोलिंग पार्टियां बूथों के लिए निकलना शुरू हुईं। जबकि संडवा चंद्रिका ब्लाक में दो बजे तक लगभग आधी पोलिंग पार्टियां रवाना हो चुकी थीं। मंगरौरा में ड्यूटी कटवाने को लेकर एक पीठासीन अधिकारी आरओ से भिड़ गया। हालांकि उपस्थित लोगों ने समझाबुझाकर उसे शांत किया।
मानधाता ब्लाक में पीठासीन अधिकारी मतपत्र और मतपेटी लेने के बाद चद्दर बिछाकर बैठ गए। अधिकारियों के बुलाने के बाद भी वह सुनने को तैयार नहीं हुए। अधिकारियों के सख्त तेवर देखकर दो बजे के बाद पोलिंग पार्टियां बूथ के लिए रवाना हुईं। संडवा चंद्रिका में सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह और मानधाता ब्लाक का डीएम अमृत त्रिपाठी ने भ्रमण कर जायजा लिया। डीएम खरवई बूथ भी गए और स्थानीय लोगों से बातचीत की।