चौथे चरण में दिग्गजों के इलाके कुंडा और बाबागंज विधानसभा में वोटरों ने बिना डर भय के घरों से निकलकर मतदान किया। मताधिकार का प्रयोग करने वोटर घरों से निकलकर झुंड के झुंड बूथों पर पहुंच गए। अन्य बूथों की अपेक्षा भदरी, बेंती, कुंडा इलाके में मतदान केंद्रों पर मेले का नजारा दिखा। प्रत्याशियों के एजेंट इस भीड़ को वोट में तब्दील करने को आतुर नजर आए।
हिंसा की आशंका से चिंतित जिला प्रशासन के लिए चौथे चरण का चुनाव कराना चुनौती से कम नहीं था। प्रथम चरण में हुई हिंसात्मक घटना के बाद चौथे चरण के चुनाव में हिंसा रोकने के लिए कुंडा और बिहार में भारी फोर्स लगा दी गई थी। चर्चा है कि बवाल की आशंका से क्षेत्र के लोग भी अंदर ही अंदर डरे हुए थे। यही वजह थी कि गुरुवार को सुबह एक घंटे तक बूथों पर सन्नाटा छाया रहा। एजेंटों का कहना था कि लोग घरों से निकलकर बूथ तक आने में कतरा रहे थे। दरअसल, मतदाता घरों में बैठकर बाहर की स्थिति को भांप रहे थे।
सब कुछ समझने के बाद ही मतदाता घरों से निकले। उसके बाद बूथों पर लोगों की कतार लगने लगी। खासकर भदरी, बेंती और कुंडा इलाके में जहां पर भीड़ होने की संभावना कम जताई जा रही थी, वहां पर मेला लगा हुआ था। बूथ से लेकर सड़क और बाजारों में लोग बेधड़क बिना किसी खौफ के नजर आए। मजे की बात यह है कि पुलिस फोर्स ने भी मतदाताओं की कठिनाई में उनका साथ दिया। यही वजह थी कि लोग खुलकर सामने आए और मताधिकार का प्रयोग किया। बिना हिंसा के मतदान संपन्न हो जाने पर प्रशासन और इलाके के दिग्गजाें ने राहत की सांस ली।