जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह मरीज के इलाज को लेकर तीमारदारों ने स्वास्थ्यकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। घटना से आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इलाज ठपकर इमरजेंसी में ताला जड़ दिया और डॉक्टरों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। खबर पाकर मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी मानने के लिए तैयार नहीं थे। तकरीबन पांच घंटे बाद सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था होने तथा सीडीओ के आश्वासन पर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया। उधर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, हड़ताल के दौरान पांच मरीजों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बृहस्पतिवार की रात उपचार के लिए कंधई थाना क्षेत्र के रहने वाले पूर्व डीजीसी शचींद्र प्रताप सिंह की पत्नी को भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की सुबह इलाज को लेकर शचींद्र प्रताप और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों का आरोप है कि दूसरे मरीजों की देखभाल के लिए चले जाने से नाराज होकर महिला मरीज के साथ मौजूद तीमारदारों ने फार्मासिस्ट राकेश यादव तथा वार्ड ब्वाय जयप्रकाश यादव पर हमला बोल दिया। मारपीट में वार्ड ब्वाय जयप्रकाश का सिर फट गया। साथ ही राकेश को भी गंभीर चोटें आईं।
जान बचाने के लिए वार्ड ब्वाय डॉक्टर के कक्ष में भागा तो हमलावर वहां भी पहुंच गए और उसे जमकर लात-घूंसे मारे। शोरशराबा सुनकर अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी भी वहां आ गए तो हमलावर बाहर निकल गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। लेकिन, घटना से आक्रोशित कर्मचारियों ने इमरजेंसी गेट के चैनल पर ताला जड़ दिया। इससे वार्ड में भर्ती मरीज तथा तीमारदार सहमे रहे। नाराज चिकित्सकों समेत स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल की घोषणा करते हुए कामकाज ठप कर दिया और परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
थोड़ी ही देर में सीएमएस डा.पीपी पांडेय समेत दूसरे डॉक्टर तथा स्वास्थ्य कर्मचारी भी अस्पताल पहुंच गए। स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना था कि आए दिन उनके साथ मारपीट की घटनाएं हो रही हैं और प्रशासन आश्वासन के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। अब बिना सुरक्षा के डॉक्टर मरीजों का उपचार नहीं करेंगे। करीब पांच घंटे तक सभी धरने पर बैठे रहे। इस बीच अस्पताल पहुंचे एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता तथा सीओ सिटी अभय पांडेय समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी मानने के लिए तैयार नहीं थे।
तकरीबन 11 बजे सीडीओ अश्वनी पांडेय तथा अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बातचीत कर डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि इमरजेंसी गेट पर 24 घंटे सिपाही समेत दरोगा मौजूद रहेंगे। तब जाकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना खत्म किया। बारह बजे के बाद फिर इमरजेंसी में डॉक्टर मरीजों का इलाज करने लगे। तब जाकर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी जितेंद्र प्रताप सिंह तथा तुषार सिंह निवासी ईशनपुर थाना कंधई को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।