चीन-भारत के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों की हिंसक वारदात में कर्नल समेत 20 जवानों के शहीद होने की घटना से दूसरे दिन गुरुवार को भी लोगों में आक्रोश दिखा।
शहर से गांव तक चीन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर लोगों ने अपनी भड़ास निकाली। रानीगंज, पट्टी, कुंडा, सदर, लालगंज सहित सभी जगहों पर लोगों ने चीन का पुतला दहन कर चाइनीज समानों के बहिष्कार का आह्वान किया। केंद्र सरकार से चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की गई।
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- फोटो : pratapgarh
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने भारत माता के जयकारे लगाते हुए अंबेडकर चौराहे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनिपिंग का पुतला फूंका। चीन मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस दौरान पदाकिारियों ने चाइनीज सामानों का उपयेाग न करने की अपील की।
सहसंयोजक अर्पित मिश्रा ने कहा कि चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत भारत की सीमा पर अतिक्रमण करना चाह रहा है। इसकी हम घोर निंदा करते हैं। 20 जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।
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देश के जवान इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। नगर मंत्री सुधांशु रंजन मिश्रा ने कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता देश के सैनिकों के साथ खड़े हैं। जरूरत पड़ी तो वह अपने जान की बाजी लगाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर शिवम पांडेय, रमेश पटेल, आशीष राय, हर्ष, अभिषेक पांडेय, शशांक सिंह, अर्जुन, अनूप आदि मौजूद रहे।
रानीगंज में चीन की हरकत से आक्र ोशित अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में चीन के राष्ट्रपति का पुतला दहन किया। वरिष्ठ अधिवक्ता देवेश प्रताप सिंह ने कहा कि चीन सीमा पर विवाद को बढ़ावा दे रहा है।
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जबकि देश सहमति के मुद्दे पर प्रयासरत रहा। मगर यह बात चीन को समझ नहीं आ रही है। अब उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। इस अवसर पर जयेंद्र नाथ उपाध्याय, सुशीला मिश्र अजय ओझा, सुरेश त्रिपाठी, अनिल मिश्र, उमाकांत त्रिपाठी, उधम सिंह आदि मौजूद रहे।
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कैंडल जलाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
जनसामथ्र्य सेवा संस्थान द्वारा सदर बाजार में कैंडिल जलाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर डा. संजय पांडेय, सुभम बरनवाल, अभिषेक पांडेय, शिवम श्रीवास्तव, रवि शर्मा आदि मौजूद रहे।