नहर निकालने के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने गुरुवार को नहर विभाग के अधिकारियों का घेराव किया। कहा कि ग्रामीणों की सहमति के बिना किसी कीमत पर नहर नहीं निकालने दी जाएगी।
सांगीपुर ब्लाक के थरिया गांव में लघु सिंचाई विभाग द्वारा पूरब देउम पंप कैनाल से नहर निकाली जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के लोग मनमाने तरीके से बिना जरूरत के कीमती व उपजाऊ जमीन से नहर निकाल रहे हैं। जबकि गांव में सिंचाई की कोई समस्या नहीं है। 17 जनवरी को जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर ग्रामीणों ने नहर का विरोध किया था। गुरुवार को नहर विभाग के खंड अभियंता समेत कई अधिकारी थरिया गांव पहुंचे, जहां पहले से ही सैकड़ों की तादाद में महिला एंव पुरुष मौजूद थे।
अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने सवाल दागना शुरू कर दिया कि जब गांव में नहर की जरुरत नहीं है तो कैसे मनमाने तरीके से नहर निकाली जा रही है। इस पर विभाग के लोगों ने कहा कि नहर उनके खेत की सिंचाई के लिए आ रही है। इस पर ग्रामीण भडक़ गए और कहा कि जब उन्हें जरूरत नहीं है तो क्यों जबर्दस्ती नहर दी जा रही है। इसका वह हर हाल में विरोध करेंगे।ग्रामीणों विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि विरोध के बाद भी नहर निकाली गई तो इसके लिए गांव वाले हर स्तर की लड़ाई लडने को तैयार हैं। इस मौके पर बीडीसी सदस्य द्वारिका प्रसाद वर्मा, पूर्व प्रधान विनोद मिश्र, जगन्नाथ वर्मा, रामलाल वर्मा, बृजवाल वर्मा, बंशीलाल विश्वकर्मा, गंगाराम वर्मा, अमरनाथ वर्मा, रामदुलारे, रामअभिलाख, रामकिशोर विश्वकर्मा, पूर्व बीडीसी सदस्य परमेश्वर प्रसाद, चंद्रपाल समेत कई लोग मौजूद रहे।