केंद्र सरकार के आदेश पर लावारिस नाबालिग लड़के और लड़कियों को परिजनों तक पहुंचाने की कवायद शुरू की गई है। आपरेशन स्माइल के तहत पुलिस ने पहले दिन 21 बच्चों को चिह्नित किया है। सभी थानेदार अपने इलाकों में ऐसे बच्चों की खोज में लगे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक हर दिन इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। केंद्र सरकार के आपरेशन स्माइल के तहत 1 जनवरी 2015 से प्रारंभ इस अभियान के पहले दिन जनपद में 21 ऐसे बच्चे चिह्नित हुए हैं जो दूसरे जनपदों से यहां आकर दुकानों पर काम कर रहे हैं या फिर बाल गृह में रहते हैं। केंद्र सरकार के पत्र में साफ कहा गया है कि पुलिस ऐसे किशोर व किशोरियों को खोजकर उन्हें उनके घर पहुंचाएं। ताकि परिजनों से बिछड़ चुके बच्चों को खुशियां लौटाई जा सके।
आदेश मिलने के बाद ऐसे बच्चों की खोजबीन के लिए सभी थानेदारों को निर्देश जारी किया जा चुका है। लावारिस बच्चों की खोजबीन धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, शहर व ग्रामीण इलाके की बाजारों के साथ ही धार्मिक स्थलों पर भी होगी। बाल गृह में रहने वाले नाबालिग किशोर व किशोरियों को भी उनके बिछड़े परिजनों से मिलाने की कोशिश की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लावारिस नाबालिग बच्चों की खोज खबर के साथ ही उन्हें परिजनों से मिलाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग लिया जाएगा। पुलिस मित्रों की मदद से लावारिस किशोर और किशोरियों की खोजबीन करने के बाद उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। एएसपी बृजेश मिश्रा ने बताया केंद्र सरकार के पत्र को संज्ञान में लेते हुए आपरेशन स्माइल के तहत लावारिस नाबालिग बालक और बालिकाओं की खोजबीन की जा रही है। इसके लिए सभी थानेदारों को आदेशित किया जा चुका है। इसमें लापरवाही क्षम्य नही होगी।