ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही चोरी-लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। एसपी दीपक भूकर के निर्देश पर जिले में सामुदायिक पुलिसिंग अभियान ऑपरेशन सजग का आगाज किया गया है।
इसके तहत प्रत्येक थाने से जुड़े हर गांव में ग्राम सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। इसमें गांव के जिम्मेदार और जागरूक नागरिक शामिल होंगे। जो पुलिस के साथ मिलाकर गांव की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। एसपी ने कहा कि रात में पुलिस अकेले नहीं, बल्कि ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों के साथ संयुक्त नाइट पेट्रोलिंग करेगी।
इसके लिए हर गांव का रोस्टर तैयार किया गया है। पुलिस इस बार सीसीटीएनएस पोर्टल के क्राइम डेटा से विश्लेषण कर चोरी-लूट वाले संवेदनशील इलाकों को चिह्नित करेगी। इन इलाकों में पुलिस की विशेष गश्त होगी।
दूरस्थ और एकांत बसावट वाले क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी पर विशेष जोर रहेगा। एसपी ने बताया कि फेरीवाले, किरायेदार और घुमंतू प्रवृत्ति के लोगों का सत्यापन अभियान भी तेज किया गया है।
ऑपरेशन सजग के पांच बड़े लक्ष्य
एसपी ने बताया कि ऑपरेशन सजग के पांच बड़े लक्ष्य हैं। इसमें पुलिस-जनता के बीच विश्वास मजबूत करना। डेटा के आधार पर अपराध रोकना। हर गांव, हर बस्ती तक पुलिस की मौजूदगी को दर्ज कराना। संदिग्धों की पहचान और उनकी निगरानी करना। ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा जगाना प्रमुख लक्ष्य हैं।
वर्जनक्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए ग्रामीणों से सहयोग मांगा गया है। इसी वजह से समिति के सदस्यों को पुलिस गश्त के साथ जोड़ा जा रहा है। - दीपक भूकर, एसपी