कुंडा, मानिकपुर के रास्ते दिल्ली को जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस ट्रेन बीते दो दिसंबर से निरस्त है। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। साथ ही औसतन प्रतिदिन रेलवे का कुंडा और मानिकपुर स्टेशन से एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
कुंडा और मानिकपुर स्टेशन होकर दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए ऊंचाहार एक्सप्रेस चलती है। कोहरे के कारण इस ट्रेन को दो दिसंबर से 29 फरवरी तक निरस्त कर दिया गया है। इस कारण कुंडा, मानिकपुर और परियावां के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। दिल्ली और चंडीगढ़ जाने के लिए लखनऊ जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है या कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का सहारा लेना पड़ रहा है।
इससे रोजगार के सिलसिले से दिल्ली या फिर चंडीगढ़ जाने वाले लोग परेशान हैं। जिन लोगों को घर लौटना है उन्हें और परेशान होना पड़ रहा है। दो बार ट्रेन बदलनी पड़ रही है। ऊंचाहार एक्सप्रेस के संचालन ठप होने से एक ओर कुंडावासी जहां परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर कुंडा और मानिकपुर स्टेशन का प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
कुंडा के स्टेशन मास्टर कौशल किशोर ने बताया कि ऊंचाहार एक्सप्रेस के संचालन से कुंडा और मानिकपुर स्टेशन को मिलाकर प्रतिदिन एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि अभी ऊंचाहार एक्सप्रेस 29 फरवरी तक निरस्त भी रहेगी।
ऊंचाहार एक्सप्रेस इकलौती ट्रेन है जो कुंडा के लोगों को दिल्ली और चंडीगढ़ तक पहुंचाती है। इस ट्रेन के संचालन ठप होने से परेशानी बढ़ गई है। जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। -मो. अब्दुल हाशिम
चंडीगढ़ या दिल्ली जाने के लिए कानपुर और लखनऊ इंटरसिटी का सहारा लेना पड़ रहा है। लखनऊ या फिर कानपुर से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए ट्रेन पकड़नी पड़ती है। परिवार के साथ सफर करना भारी पड़ रहा है। सूरज पांडेय
ऊंचाहार एक्सप्रेस का संचालन बहाल किया जाए। ट्रेन के निरस्त होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
रमाशंकर साहू, व्यापारी