फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के उपकोषागारों से अब नगद भुगतान पर नहीं मिलेगा स्टांप

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतापगढ़। जिले के उपकोषागारों में नगद भुगतान पर स्टांप की बिक्री नहीं की जाएगी। स्टांप लेने के लिए अब बैंक में रुपये जमा करने होंगे और रसीद दिखाकर स्टांप ले सकेंगे। यह नियम सभी के लिए लागू होगा, चाहे वह स्टांप वेंडर हो, या आम आदमी। इससे आम नागरिकों को छोटे स्टांप लेने के लिए परेशानी का सामना करना होगा।
विज्ञापन

जिले के पांच तहसीलों में से चार तहसीलों में उपकोषागार की स्थापना की गई है। रानीगंज तहसील नवीन होने के साथ ही उपकोषागार की स्थापना ही नहीं की गई है। जबकि लालगंज तहसील में स्थापित उपकोषागार आमदनी कम होने के कारण बंद कर दिया गया है। लालगंज और पट्टी उपकोषागार में इस समय स्टांप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। विभाग का मानना है कि दोनों तहसीलों में जल्द ही उपकोषाधिकारी की तैनाती की जाएगी। मगर अफसरों की तैनाती होने के बाद भी आम जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाएगा। दरअसल शासन ने नगद भुगतान पर स्टांप बिक्री पर रोक लगा दिया है। नगद धनराशि आने उपकोषागार को सुरक्षा और गड़बड़ी से बचाने के लिए फैसला लिया है कि अब स्टांप वेंडर और आम व्यक्ति जितने का स्टांप चाहता है, वह बैंक में रुपये जमा करेगा और रसीद दिखाकर उतनी ही धनराशि का स्टांप प्राप्त करेगा। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं होगी, दरअसल में स्टांप खरीद के हेड में रुपये जमा होते ही कोषागार की वेबसाइट पर दिखने लगेगा। हालांकि मुख्य कोषागार के लिए यह नियम नहीं लागू होगा। व्यक्ति अपनी आवश्यकता के अनुरूप स्टांप की खरीद कर सकेगा।
बदांयू में लाखों का गोलमाल होने पर हुआ अलर्ट
बदांयू जिले में उपकोषागार में लाखों रुपये के घपले उजागर होने के बाद शासन ने सावधानी के तौर पर यह रास्ता निकाला है। अफसरों का मानना है कि इस पहल से नगद रुपये लेकर स्टांप बेचने वाले कर्मचारी गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन

जिले के उपकोषागारों में नगद रुपये देकर अब स्टांप की बिक्री नहीं की जाएगी। जिस व्यक्ति को स्टांप की आवश्यकता होगी, वह पहले बैंक में रुपये जमा करेगा और रसीद दिखाकर स्टांप प्राप्त कर सकेगा।
विज्ञापन

दीपक बाबू, वरिष्ठ कोषाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें