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दो माह में सिर्फ 30 प्रतिशत हुई धान की खरीद

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दो माह में सिर्फ 30 प्रतिशत हुई धान की खरीद
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धान खरीद में फर्जीवाड़ा थमा तो विभाग की खुली पोल
धान क्रय केद्रों पर आवक हुई कम, लक्ष्य पूरा होने की नहीं है उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। धान खरीद में फर्जीवाड़े पर रोक लगते ही खाद्य विभाग की कलई खुल गई है। अभी तक व्यापारियों का धान खरीद कर वाहवाही लूटने वाले अफसर अब शीर्ष अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं। आलम यह है कि एक नवंबर से हो रही खरीद में अभी तक 30 प्रतिशत ही धान की खरीदारी हुई है।
किसानों की उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए इस वर्ष शासन ने फर्जीवाड़े पर नकेल कस दी थी। उन किसानों को ही धान बेचने के लिए पात्र माना गया है, जिसके पास पर्याप्त जमीन है। राजस्व विभाग और खाद्य विभाग की वेबसाइट को जोड़ने पर धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों का डाटा सामने आ जाता था। धान बेचने वाले किसान को आनलाइन भुगतान भी किया जा रहा है। इससे विपणन विभाग के अधिकारी इस बार किसी प्रकार का खेल नहीं कर पा रहे हैं। अगर किसी किसान के पास जमीन कम है और धान अधिक बेच रहा है, तो कंप्यूटर उसे स्वीकार ही नहीं कर रहा है। जिले को 59.900 मीट्रिकटन धान खरीद का लक्ष्य मिला हुआ था। मगर अभी तक 17,100 मीट्रिकटन ही धान खरीदने में सफलता मिली है। यह लक्ष्य का 30 प्रतिशत है। अधिकारी भले ही लक्ष्य के करीब पहुंचने का दावा कर रहे हैं, मगर वास्तविकता यह है कि अब क्रय केंद्रों पर धान की आवक कम हो गई है। जिन किसानों को धान बेचना था, वह लगभग बेच चुके हैं। फिलहाल अधिकारी 28 फरवरी तक धान खरीदने का समय बताकर लक्ष्य के करीब पहुंचने का दावा कर रहे हैं।
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इनसेट----------
खूब मचा हल्ला, किसानों पर नहीं पड़ा असर
किसानों का धान खरीदने के पहले अफसरों ने खूब हल्ला मचाया। मगर इसका असर किसानों पर नहीं पड़ा। दरअसल में धान क्रय केंद्रों पर किसानों को इतना परेशान किया जाता है, कि वह बेचने से कतराते हैं।
इनसेट-------
धौरहरा केंद्र पर इस वर्ष भी हुई थी गड़बड़ी
साधन सहकारी समिति धौरहरा में इस बार भी धान खरीद में गड़बड़ी हुई थी। डिप्टी आरएमओ की जांच में खुलासा हुआ था कि केंद्र प्रभारी ने किसानों के बजाय व्यापारी का धान खरीद लिया था। उन्होंने जांच कमेटी का गठन किया था, मगर अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
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वर्जन------
जिले में अभी तक 30 प्रतिशत धान की खरीद हुई है, धान खरीदने के लिए 28 फरवरी तक का समय है। मगर धान क्रय केंद्रों पर आवक कम हुई है। फिलहाल दो प्रतिशत धान की खरीद प्रतिदिन हो रही है। इससे लक्ष्य के करीब पहुंचने की संभावना है।
धनंजय सिंह, जिला विपणन अधिकारी
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