आरोपी ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह की निशानदेही पर बरामद कार।
- फोटो : संवाद
पट्टी में रजिस्ट्री आफिस के सामने सगे भाइयों को मारी थी गोली
पट्टी कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर सुशील सिंह ने रिश्तेदार की रजिस्ट्री कराने आए दो सगे भाइयों को गोली मार दी धी। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने सुशील और उसके साथियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके बाद 29 जुलाई को उसे लखनऊ में एक होटल से गिरफ्तार किया गया था।
ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह रिमांड पर लगाया गया।
- फोटो : संवाद।
लवी शंकर के साथ मिलकर करता था नशे का कारोबार
पुलिस के अनुसार सुशील सिंह ने बताया कि वह अपने सहयोगी लवी शंकर मिश्रा पुत्र दयाशंकर मिश्रा निवासी अकारीपुर थाना आसपुर देवसरा जनपद प्रतापगढ़ के साथ मिलकर जिले में बड़े पैमाने पर नशे का कारोबार करता था। लवी शंकर फिलहाल जेल में बंद है। जिससे सुशील सिंह वर्तमान में अकेले ही एमडी की अवैध सप्लाई कर रहा है। नशीले पदार्थ को गुप्त स्थानों पर जमीन में छुपाकर रखता है। अभियुक्त की निशानदेही पर पट्टी–रायपुर रोड स्थित केएफ मैरिज हाल के सामने उसकी बताई गई जगह की खुदाई कर एक रैपर बरामद हुआ।
रैपर खोलकर देखने पर उसमें हल्के पीले-सफेद रंग के छोटे-छोटे क्रिस्टलनुमा टुकड़े प्राप्त हुए, जिन्हें अभियुक्त ने एमडी (मेथमफेटामाइन) ड्रग बताया। यह दवा स्मैक से भी ज्यादा खतरनाक बताई जाती है। इसे गुटखा के साथ मिलाकर खाया जाता है या फिर सूंघा जाता है। आरोपी सुशील सिंह के बताए हुए स्थान ओमेक्स हजरतगंज कामर्शियल बिल्डिंग थाना सुशांत गोल्फ सिटी जनपद लखनऊ की बेसमेंट पार्किंग में एक गाड़ी आडी कार पंजीयन संख्या एमएच 12 एफडब्लयू 0101 रंग सफेद की बरामदगी कराई गई। जिसका प्रयोग पट्टी में मारने की घटना के समय प्रयोग किया गया था।