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Pratapgarh : ब्लॉक प्रमुख सुशील की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार बरामद, प्रतिबंधित नशीली दवाएं भी मिलीं

Thu, 21 Aug 2025 05:30 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

पुलिस रिमांड पर लिए गए ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह पुत्र फतेह बहादुर निवासी गांव रामकोला थाना पट्टी की निशानदेही पर पट्टी थाने की पुलिस ने गोलीबारी की घटना में शामिल कार बरामद किया है।
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पुलिस के सख्त पहरे में रिमांड पर लाया ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह। - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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पुलिस रिमांड पर लिए गए ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह पुत्र फतेह बहादुर निवासी गांव रामकोला थाना पट्टी की निशानदेही पर पट्टी थाने की पुलिस ने गोलीबारी की घटना में शामिल कार बरामद किया है। कार को बेसमेंट में छिपाकर रखा गया था। साथ ही ड्रग तस्करी के धंधे का भी पुलिस ने भंडाफोड़ किया। सुशील सिंह की निशानदेही पर 34.10 ग्राम प्रतिबंधित नशीली दवाएं भी पुलिस ने बरामद की है। आरोपी से पूछताछ जारी है। 

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पुलिस के अनुसार सुशील सिंह ने अपना जुर्म कुबूल किया है। आरोपी बड़े पैमाने पर जिले में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई भी करता था। उसने अवैध कारोबार और नशे के कारोबार की बात स्वीकार की है। इसके माध्यम से उसने बेनामी संपत्ति भी बनाई है। प्रतिबंधित ड्रग्स मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ नया मुकदमा भी दर्ज किया गया है। नशे के जखीरे को उसने जमीन में गाड़कर छिपाया था। पुलिस ने सुशील के आपराधिक इतिहास को भी उजागर किया है। पट्टी और नगर कोतवाली में उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। छानबीन में लवी शंकर का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है। 

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आरोपी ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह की निशानदेही पर बरामद कार। - फोटो : संवाद
पट्टी में रजिस्ट्री आफिस के सामने सगे भाइयों को मारी थी गोली

पट्टी कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर सुशील सिंह ने रिश्तेदार की रजिस्ट्री कराने आए दो सगे भाइयों को गोली मार दी धी। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने सुशील और उसके साथियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। इसके बाद 29 जुलाई को उसे लखनऊ में एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। 
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ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह रिमांड पर लगाया गया। - फोटो : संवाद।
लवी शंकर के साथ मिलकर करता था नशे का कारोबार

पुलिस के अनुसार सुशील सिंह ने बताया कि वह अपने सहयोगी लवी शंकर मिश्रा पुत्र दयाशंकर मिश्रा निवासी अकारीपुर थाना आसपुर देवसरा जनपद प्रतापगढ़ के साथ मिलकर जिले में बड़े पैमाने पर नशे का कारोबार करता था। लवी शंकर फिलहाल जेल में बंद है। जिससे सुशील सिंह वर्तमान में अकेले ही एमडी की अवैध सप्लाई कर रहा है। नशीले पदार्थ को गुप्त स्थानों पर जमीन में छुपाकर रखता है। अभियुक्त की निशानदेही पर पट्टी–रायपुर रोड स्थित केएफ मैरिज हाल के सामने उसकी बताई गई जगह की खुदाई कर एक रैपर बरामद हुआ।

रैपर खोलकर देखने पर उसमें हल्के पीले-सफेद रंग के छोटे-छोटे क्रिस्टलनुमा टुकड़े प्राप्त हुए, जिन्हें अभियुक्त ने एमडी (मेथमफेटामाइन) ड्रग बताया। यह दवा स्मैक से भी ज्यादा खतरनाक बताई जाती है। इसे गुटखा के साथ मिलाकर खाया जाता है या फिर सूंघा जाता है। आरोपी सुशील सिंह के बताए हुए स्थान ओमेक्स हजरतगंज कामर्शियल बिल्डिंग थाना सुशांत गोल्फ सिटी जनपद लखनऊ की बेसमेंट पार्किंग में एक गाड़ी आडी कार पंजीयन संख्या एमएच 12 एफडब्लयू 0101 रंग सफेद की बरामदगी कराई गई। जिसका प्रयोग पट्टी में मारने की घटना के समय प्रयोग किया गया था। 
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